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2027 के रण से पहले भाजपा ने उत्तराखंड में तैनात किए नए प्रभारी और सहप्रभारी, इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी

By Ashwani tripathiEdited By: Rahul Chauhan
Published: Wed, 23 Sep 2026 05:33 PM (IST)

भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड में अपनी प्रदेश टीम में बड़ा बदलाव किया है। वरिष्ठ नेता राम ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा ने प्रदेश की टीम में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता राम माधव को उत्तराखंड का प्रभारी बनाया है। अरविंद मेनन व बांसुरी स्वराज को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

नई टीम की तैनाती को चुनाव से पहले संगठन को और धार देने तथा प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों पर केंद्रीय नेतृत्व की निगाह मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

राम माधव के उत्तराखंड प्रभारी बनाए जाने के साथ ही पार्टी ने ऐसे समय में अनुभवी संगठनकर्ता को जिम्मेदारी दी है, जब 2027 की चुनावी तैयारी धीरे-धीरे निर्णायक चरण में प्रवेश कर रही है।

प्रदेश में भाजपा सरकार के कामकाज को चुनावी मुद्दे में बदलने के साथ संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय रखने की चुनौती है। नई टीम इसी दोहरी रणनीति की निगरानी करेगी।

धामी के नेतृत्व में चुनाव, संगठन की केंद्रीय निगरानी

उत्तराखंड में भाजपा के लिए 2027 का चुनाव लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की तैयारी का चुनाव होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पार्टी सरकार के फैसलों और उपलब्धियों को जनता तक ले जाने की तैयारी कर रही है। दूसरी ओर संगठन युवा, महिला, पर्वतीय क्षेत्रों और विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटा है।

ऐसे में प्रभारी टीम की भूमिका केवल संगठनात्मक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी। बूथ की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, सामाजिक समीकरण, सरकार के प्रति जमीनी प्रतिक्रिया और विपक्ष की गतिविधियों से मिलने वाला फीडबैक केंद्रीय नेतृत्व के लिए अहम होगा।

मेनन का संगठनात्मक अनुभव, बांसुरी से राजनीतिक संवाद की कड़ी

राम माधव के साथ अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज की जोड़ी को अलग-अलग अनुभवों के संयोजन के रूप में देखा जा रहा है। मेनन भाजपा के संगठनात्मक और चुनावी प्रबंधन से जुड़े रहे हैं, जबकि बांसुरी स्वराज राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय युवा चेहरा हैं। ऐसे में तीन सदस्यीय टीम में संगठन, चुनावी प्रबंधन और राजनीतिक संवाद—तीनों स्तरों को साधने की कोशिश दिखाई देती है।

प्रदेश से बूथ तक नई निगरानी व्यवस्था

भाजपा उत्तराखंड में संगठनात्मक जिलों के स्तर पर पहले ही जिम्मेदारियां तय कर चुकी है। अब केंद्रीय प्रभारी और सह प्रभारियों की नई टीम के साथ प्रदेश संगठन की चुनावी तैयारियों की निगरानी का एक और स्तर जुड़ गया है।

नई टीम के सामने सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बनाए रखना, चुनावी मुद्दों को धार देना और सामाजिक समीकरणों को साधना प्रमुख चुनौती होगी। खासतौर पर पहाड़ और मैदान की अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों को एक चुनावी रणनीति में पिरोना महत्वपूर्ण होगा।

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गौतम की जगह माधव को जिम्मेदारी

राम माधव को जिम्मेदारी मिलने के साथ दुष्यंत गौतम की जगह बदलाव हुआ है। यह फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब भाजपा ने उत्तराखंड में 2027 के लिए अपनी सांगठनिक तैयारियों को तेज कर दिया है। अब नई केंद्रीय टीम के सामने अगले कुछ महीनों में संगठन की तैयारियों को चुनावी मोड में ले जाने की अहम जिम्मेदारी होगी।

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