ऋषिकेश, [जेएनएन]: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में स्वामी सानंद की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन न कराए जाने से नाराज गंगा सद्भावना यात्रा जल पुरुष व कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट सहित अन्य लोगों ने एम्स में निदेशक कार्यालय के बाहर धरना दिया। जल पुरुष राजेंद्र सिंह की मांग को एम्‍स प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। अब उनके साथ गंगा सद्भावना यात्रा के सभी सदस्यों को अंतिम दर्शन के लिए पुलिस अपने साथ ले गई।

उनका कहना है कि एम्स प्रशासन के अड़ियल रवैये के कारण उन्हें स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन भी नहीं हो पाए। जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह का रवैया निंदनीय है। उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद का परिवार पूरा विश्व है, उनके पीछे उनके हजारों अनुयाई हैं। इसलिए सभी को उनके अंतिम दर्शन का मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम कोई राजनीति नहीं कर रहे हैं। सिर्फ लोकतांत्रिक ढंग से उनके अंतिम दर्शन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं गुरुवार रात से उनके अंतिम दर्शन के लिए एम्स प्रशासन से आग्रह कर रहा हूं। बाद में एम्‍स प्रशासन मान गया।

राजेंद्र सिंह अपनी बात कहते हुए फूट फूट कर रो पड़े

एम्स निर्देशक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे जल पुरुष राजेंद्र सिंह अपनी बात कहते हुए फूट फूट कर रो पड़े। इस दौरान सीओ सदर देहरादून पंकज गैरोला उन्हें यहां से उठने के लिए मान मुनव्वल करते नजर आए।

स्वामी जी चले गए, गंगा के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा: जलपुरुष राजेंद्र सिंह

एम्स ऋषिकेश में स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि स्वामी जी आध्यात्मिक वैज्ञानिक और संकल्पित व्यक्ति थे। सरकार ने उनकी मांगों को अनसुना किया सरकार को इसका दंड भुगतना होगा। स्वामी जी चले गए हैं, मगर गंगा के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने निदेशक एम्स के इस बयान को झूठा करार दिया, जिसमें निदेशक ने कहा था कि स्वामी सानंद अपना अनशन तोड़ना चाहते थे, मगर परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति में ऐसा करने से रोक रहा था। जल पुरुष ने कहा कि स्वामी सानंद से कोई जबरदस्ती नहीं करा सकता। वह अपने मन और आत्मा की आवाज पर काम करते थे और वह गहरी समझ वाले व्यक्ति थे। उनके लिए एम्स निदेशक का इस तरह का बयान उनका अपमान है।

जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि स्वामी सानंद का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। आने वाले चुनाव मैं इसका असर दिखाई देगा। उन्होंने कहा गंगा के साथ धोखा करने वाले लोगों को स्वामी आनंद की आत्मा और गंगा मैया कभी माफ नहीं करेगी ।उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी सानंद की सरकार ने उपेक्षा की है। समय रहते सरकार के लोग उनसे मिलते बातचीत करते मगर ऐसा नहीं हुआ। सरकार डरी हुई है । यही कारण है कि स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन से हमें रोका जा रहा है। जल पुरुष ने कहा इस रविवार से हम यहां से गंगा के लिए आंदोलन शुरू करने वाले हैं।

सानंद के परिजन पहुंचे एम्स ऋषिकेश

स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद के परिजन एम्स ऋषिकेश पहुंचे हैं। परिजनों ने एम्स प्रशासन से उनके अंतिम दर्शन के लिए आग्रह किया है। उनके भतीजे अभिषेक स्वरूप ने कहा कि स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद ने गंगा के लिए अपने कुर्बानी दी है। मरणोपरांत उनका शरीर चिकित्सा विज्ञान के काम आएगा, लेकिन उनके अंतिम दर्शन से परिजनों को दूर रखना सही नहीं है। स्वामी सानंद के छोटे भाई निरंजन स्वरूप, भाभी शकुंतला देवी, दत्तक पुत्र तरुण अग्रवाल, भतीजे आलोक गुप्ता, चेतन गर्ग, अश्वनी अग्रवाल, अनिल गर्ग आदि यहां मौजूद है।

कोई भी बाहरी व्यक्ति नहीं कर पाएगा सांनद के अंतिम दर्शन

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में अब कोई भी बाहरी व्यक्ति स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन नहीं कर पाएगा। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि एम्स में वर्तमान में 3 कान्‍फ्रेंस चल रही है। जिसमें देशभर से कई डेलिगेट्स आए हैं। एम्स के अंदरूनी कार्यों पर कोई असर ना पड़े इस बात को ध्यान में रखते हुए एम्स प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।

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Posted By: Sunil Negi