जागरण संवाददाता, ऋषिकेश: पार्क प्रशासन शायद शराब ठेकेदार के इशारे पर नाच रहा है। कारण यह है कि कायदे-कानूनों को ताक पर रखकर राजाजी टाइगर रिजर्व की गौहरी रेंज की कोर जोन में ट्रक से शराब बेची जा रही है। वहीं पार्क प्रशासन इस पर कोई अंकुश नहीं लगा पा रहा है।

इस वर्ष आबकारी विभाग ने पौड़ी जनपद के यमकेश्वर विकासखंड में चीला-कुनाऊं के नाम से एक अंग्रेजी शराब की दुकान आवंटित की थी। मगर, ग्रामीणों के विरोध के चलते अभी तक चीला-कुनाऊं के बीच शराब की दुकान नहीं खुल पाई है। पिछले कुछ दिनों से ठेके का अनुज्ञापी शराब से भरे एक ट्रक को लेकर चीला-कुनाऊं के बीच टहल रहा है। यह पूरा क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व की गौहरी रेंज तथा चीला रेंज के अंतर्गत आता है, जो पार्क का कोर जोन है। नियमानुसार इस कोर जोन में इस तरह की कोई भी गतिविधि नहीं हो सकती है। वहीं अनुज्ञापी पार्क के कायदे कानूनों को धता बताते हुए पिछले कुछ दिनों से लगातार कोर जोन में ट्रक से शराब की बिक्री कर रहा है। शनिवार को बैराज-लक्ष्मणझूला मार्ग पर जंगलात बैरियर से कुछ कदम की दूरी पर इस पर ट्रक से शराब की बिक्री होती दिखी। मगर पार्क प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। रविवार को बैराज के पास ही ट्रक से शराब बेची जा रही थी। जब पूछा गया तो अनुज्ञापी ने वनकर्मियों के हाथ में एक 300 रुपये की रसीद थमा दी, जो गौहरी रेंज की ओर से पार्क क्षेत्र में प्रवेश के लिए वाहन चालक को दी गई थी।

शनिवार को जब कोर जोन में ट्रक से शराब की बिक्री को लेकर पार्क निदेशक डीके सिंह को पूछा गया था तो उनका कहना था कि कोर जोन में शराब बेच रहे अनुज्ञापी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश चीला व गौहरी रेंज के रेंज अधिकारियों को दिया गया है। मगर, हैरानी की बात है कि पार्क निदेशक के आदेश के बाद भी न तो कोई कार्रवाई हुई और ना ही पार्क की कोर जोन में ही शराब की बिक्री पार्क प्रशासन रोक पाया।

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