संवाद सूत्र, रायवाला: सरकारी धन को कैसे ठिकाने लगाया जाता है, इसकी बानगी रायवाला-प्रतीतनगर संपर्क मार्ग के डामरीकरण में देखी जा सकती है। पांच करोड़ की लागत से बन रही पांच किलोमीटर लंबी सड़क चंद दिनों में ही धंसने लगी है। यह सूरतेहाल तब है जब इस सड़क की बेहतर गुणवत्ता के दावे किए जा रहे हैं। सड़क की गुणवत्ता इतनी ज्यादा खराब है कि यह भारी वाहनों के वजन को नहीं झेल पा रही है। रायवाला गांव में राम मंदिर के पास ट्रक के वजन से सड़क व नाली का काफी बड़ा हिस्सा धंस गया। गनीमत रही कि चालक ने वाहन को संभाल लिया और अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

इन दिनों सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। हनुमान चौक से लेकर राममंदिर तक सड़क बनकर तैयार है। बनने के साथ ही निर्माण कार्य में झोल भी सामने आने लगा है। कई जगह पर नालियां अधूरी छोड़ दी गई हैं। पर्याप्त ढाल के अभाव में गंदा पानी इनमें जमा हो रहा है। पेयजल लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़क का ठीक से भरान नहीं किया गया है जिससे यह अब धंसने लगी है। रायवाला के ग्राम प्रधान सागर गिरि ने बताया कि सड़क व नाली बहुत घटिया बनी हैं। जहां भी शिकायत सामने आ रही है, अधिकारियों को बुलाकर दिखवाया जा रहा है।

सड़क की गुणवत्ता न सुधारी गई तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी। कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला ने भी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विभाग ने पहले ही सड़क निर्माण में बेवजह लंबा समय ले लिया। उसके बावजूद भी गुणवत्ता के साथ काम नहीं किया जा रहा है। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विपुल सैनी का कहना है कि जहां पर सड़क धंस रह है, उसकी फिर से मरम्मत कराई जा रही है।

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप