देहरादून, जेएनएन। स्वच्छता के सिपाहियों की हौसला आफजाई के लिए दून रेलवे स्टेशन के निदेशक ने स्वस्थ पहल की है। उन्होंने स्टेशन पर तैनात सफाई कर्मचारियों को प्रेरित करने के लिए नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। साथ ही अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से भी इसमें योगदान देने के लिए कहा है।

कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए फिलहाल एक ही इलाज है साफ-सफाई और एहतियात। इस लिहाज से सफाई व्यवस्था में लगे कर्मचारियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। ये कर्मचारी खुद की परवाह किए बगैर पूरी ईमानदारी और निष्ठा से अपने कार्य को अंजाम देने में लगे हुए हैं। 

फिलहाल दून रेलवे स्टेशन पर यात्री ट्रेनों की आवाजाही भले बंद हो, लेकिन मालगाड़ियों का आवागमन सुचारु हैं। ऐसे में यहां भी सफाई कर्मचारी भी अपने काम से तन्मयता से जुटे हैं। रोजाना स्टेशन परिसर की साफ-सफाई करने के साथ सेनिटाइजेशन किया जाता है। मालगाड़ियों को भी पूरी तरह सेनिटाइज करने के बाद ही स्टेशन से रवाना किया जाता है। ऐसे में स्वच्छता के इन सिपाहियों को प्रोत्साहित करने के लिए स्टेशन निदेशक गणोश चंद ठाकुर ने नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

दून स्टेशन के वाणिज्य निरीक्षक एसके अग्रवाल ने बताया कि स्टेशन निदेशक की इस पहल में अन्य अधिकारी भी अपना योगदान दे रहे हैं। तीन-चार लोगों ने धनराशि जमा कर दी है। घर से कार्य कर रहे कार्मिकों ने भी इसमें योगदान का आश्वासन दिया है। एकत्र हुई धनराशि स्वच्छता के सिपाहियों के सुपुर्द कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी वैश्विक आपात की इस स्थिति में अतुलनीय और अविस्मरणीय कार्य कर रहे हैं। इसके लिए हम इनका आभार व्यक्त करते हैं।

रेलवे कॉलानियों में किया सेनिटाइजेशन

रेलवे कॉलोनियों में कर्मचारियों के आवास और उसके बाहर साफ-सफाई करने के बाद सेनिटाइजर का छिड़काव किया गया। वाणिज्य निरीक्षक एसके अग्रवाल ने बताया कि रेलकर्मियों से भी सामाजिक दूरी बनाए रखने के साथ कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाकर कार्य करने और सेनिटाइज से हाथ साफ करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

मलिन बस्तियों में नहीं हो रहा नियमित सेनिटाइजेशन

कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए शहर में नगर निगम सेनिटाइजेशन कर रहा है। शहर के कई इलाकों में सेनिटाइजेशन हो भी रहा है लेकिन जिन मलिन बस्तियों को सेनिटाइजेशन की ज्यादा जरूरत है, वहां पर नियमित सेनिटाइजेशन नहीं हो रहा। ऐसे में यहां संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। 

कोरोना संक्रमण पर रोकथाम के लिए नियमित सेनिटाइजेशन भी बड़ा उपाय बताया जा रहा है। देहरादून में नगर निगम यह काम कर रहा है। लेकिन दून के कई इलाके इससे वंचित है। मलिन बस्तियों की बात की जाए तो यहां लोगों के घर एक दूसरे से सटकर बने हुए हैं। ऐसे में संक्रमण सबसे तेजी से फैलने का खतरा इन्हीं बस्तियों में है। 

बावजूद इसके नगर निगम मलिन बस्तियों में नियमित सेनिटाइजेशन नहीं कर रहा है। रिस्पना पुल, बिंदाल पुल, डालनवाला, आमवाला, कावली रोड समेत अन्य कई क्षेत्रों में बस्तियां बसी हैं। यहां के लोग कोरोना वायरस से वाकिफ भी हैं। टीवी, सोशल मीडिया, आदि माध्यमों से इससे रोकथाम के उपाय भी लोग जान गए हैं। लेकिन लोगों का कहना की बस्तियों में नियमित सेनिटाइजेशन नहीं हो रहा। 

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बिंदाल पुल के नीचे रहने वाले अमर ने बताया कि अब तक एक दफा ही सेनिटाइजेशन हुआ है। उन्होंने कहा कि एक दफा बीमारी बस्ती में पहुंच गई तो संक्रमण फैलने में देर नहीं लगेगी। उन्होंने नगर निगम से बस्ती में रोजाना सेनिटाइजेशन करने की मांग की। साथ ही बस्तियों में लोगों को मास्क और सेनिटाइजर बंटवाने की मांग की है।

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Posted By: Bhanu Prakash Sharma

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