v style="text-align: justify;">देहरादून, [गौरव ममगार्इं]: देहरादून के कैप्टन कुनाल उनियाल की पुस्तक 'स्पैरो इन द मिरर' को ब्रिटिश लाइब्रेरी में शामिल किया गया है। हिंदू अध्यात्म पर आधारित यह पुस्तक इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ को भी काफी पंसद आई है। उन्होंने कुनाल को प्रशंसा-पत्र भी भेजा। 

देहरादून के सहस्रधारा रोड निवासी कुनाल नारायण उनियाल ने बताया कि उन्होंने अभी तक पांच पुस्तकें लिखी हैं। इनमें 'स्पैरो इन द मिरर' पुस्तक का ब्रिटिश लाइब्रेरी के लिए चयन हुआ है। कुनाल ने बताया कि ब्रिटिश महारानी की ओर से उन्हें एक प्रशंसा-पत्र मिला है। जिसमें 'स्पैरो इन द मिरर' पुस्तक में उन्होंने 'आत्मा की खोज' पर दर्शाया गया हिंदू आध्यात्म को बेहद प्रभावित करने वाला बताया है।

पत्र में कहा गया कि साहित्य से प्रभावित होकर महारानी ने इस पुस्तक को ब्रिटिश लाइब्रेरी में शामिल करने का निर्णय लिया है। कुनाल ने पुस्तक के बारे में बताया कि यह मोटिवेशनल इंग्लिश पोएट्री है। इसमें हिंदू आध्यात्म के बारे में बताया है कि जब आत्मा शरीर से अलग होती है तो शरीर की स्थिति क्या होती है। इसमें हर मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य की मनोदशा को बताया गया है। 

उनका कहना है कि पुस्तक मनुष्य को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आत्मविश्वास से लबरेज भी बनाती है। कुनाल ने बताया कि मेयर ऑफ लंदन ने भी उन्हें प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया है। उनका कहना है कि अभी तक लोग विदेशी आध्यात्म की ओर ही रूचि लेते हैं। बताया कि अभी तक उन्होंने 'कुछ ख्वाब सागर से' 'अन-आन्सर्ड', 'मैं तुला हूं', 'स्पैरो इन द मिरर' व 'जॉर्नी टू द नेक्सट लेवल' पुस्तकों का लेखन किया है। 

मर्चेंट नेवी में कैप्टन हैं कुनाल 

कुनाल उनियाल यूनाइटेड किंगडम (यूके) में मर्चेंट नेवी के बॉटलिक एक्सचेंज में कैप्टन पद कार्यरत हैं। 

छह भाषाओं में है रूपांतरण 

कुनाल ने बताया कि 'स्पैरो इन द मिरर' पुस्तक का छह देशों की भाषा में रूपांतरण हो चुका है। इसमें इटेलियन, फ्रैंच, स्पेन, ग्रीक, इंग्लिश और हिंदी शामिल हैं। देश-विदेश में इसकी 10 हजार से ज्यादा प्रतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। 

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Posted By: Raksha Panthari