संवाद सहयोगी, विकासनगर: गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गेनाइजेशन की ओर से बुधवार को तहसील मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया। इसमें शामिल विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की। कर्मचारियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रेषित किया।

प्रेषित ज्ञापन में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कहा कि अटल आयुष्मान कार्ड योजना के अंतर्गत प्रत्येक पेंशनर्स की मासिक पेंशन से अधिक धनराशि की कटौती की जा रही है। उन्होंने कटौती को 50 फीसद कम करने को कहा। इसी तरह सेवारत कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन की तुलना में पारिवारिक आश्रितों को 30 फीसद ही पेंशन मिलती है, जिससे एक समान धनराशि की कटौती को उन्होंने अनुचित बताया। सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कहा कि अटल आयुष्मान योजना के तहत ओपीडी को भी कैशलेस किया जाना चाहिए। इसके अलावा केंद्र के पेंशनर्स की तरह सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों को एक हजार रुपये प्रतिमाह चिकित्सा भत्ता देने की भी मांग की। उन्होंने कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए कोषागार, उपकोषागार में अलग से व्यवस्था करने, कर्मचारियों की सुविधा के लिए अस्पतालों को सूचिबद्ध करने, कर्मचारियों की उपरोक्त मांगो के पूरा होने तक उनकी पेंशन से की जा रही कटौती को बंद करने की मांग भी की। इसके साथ ही उन्होंने यह चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगो पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। धरना देने वालों में आर्गेनाइजेशन अध्यक्ष बीडी गंगवार, सचिव सुलाब चंद, एनके मित्तल, सियाराम गुप्ता, विशंबर दयाल गंगवार, राजेंद्र सिंह, हरस्वरूप सैनी आदि शामिल रहे।

Edited By: Jagran