देहरादून, जेएनएन। बीते 30 सितंबर को हुई नवजात बच्ची की मौत को लेकर उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच ने शुक्रवार को महंत इंदिरेश अस्पताल में धरना दिया। इस दौरान बच्ची के उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी हुई। अस्पताल प्रबंधन ने धरना दे रहे लोगों को हटाने की कोशिश की तो हंगामा खड़ा हो गया। मामले में अस्पताल प्रबंधन ने एसएसपी और पटेलनगर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। आरोप लगाया कि धरने के कारण मरीजों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। 

धरने के दौरान मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर ने आरोप लगाया कि 28 सितंबर को केसर सिंह ने अपनी पत्नी को डिलीवरी के लिए इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया। 29 को उसने बेटी को जन्म दिया। 30 को बच्ची की मौत हो गई। नवजात बच्ची के इलाज में लापरवाही बरती गई है। ऐसे में बच्ची का इलाज करने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। 

दौलत कुंवर ने कहा कि उनका शांतिपूर्ण धरना परिवार को न्याय दिलाने के लिए और चिकित्सा सेवा की प्रतिष्ठा को बरकरार रखने के लिए है। दौलत कुंवर की ओर से इस संबंध में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन प्रेषित किया गया है। धरने में प्रदेश अध्यक्ष भीम आर्मी आसिफ कुरैशी, केसर सिंह, सतीश कुंवर, श्याम सिंह भारती, झुल्ला देवी, सुनीता, संगीता, जानकी देवी, राहुल, संजय सिंह, संदीप, शोएब खान, जुनैद अंसारी व अन्य मौजूद रहे।

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महंत इंदिरेश के चिकित्साधीक्षक डॉ. विनय राय का कहना है कि केसर की पत्नी निर्मला और नवजात बच्ची का उपचार नियमानुसार किया गया। अगर परिजनों को इलाज के संबंध में कोई शंका या शिकायत है तो वह सीएमओ के पैनल के समक्ष शिकायत रख सकते हैं। कुछ लोगों ने बिना प्रशासनिक अनुमति के अस्पताल में धरना-प्रदर्शन किया है, जिससे मरीजों को असुविधा हुई है। संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। 

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