राज्य ब्यूरो, देहरादून। गांवों में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को टीकाकरण में वरीयता दी जाएगी। सचिव एचसी सेमवाल ने इस सिलसिले में सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। 

क्षेत्र पंचायत प्रमुख संगठन की ओर से भी इस संबंध में मांग उठाई जा रही थी।त्रिस्तरीय पंचायतों (ग्राम, क्षेत्र व जिला) के निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी सरकार ने कोविड ड्यूटी पर लगाया है। उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन, कोविड की गाइडलाइन का प्रचार-प्रसार के साथ ही प्रवासियों पर निगरानी रखने और उनके लिए आइसोलेशन के दृष्टिगत व्यवस्था करने का जिम्मा सौंपा गया है। 

सभी पंचायत प्रतिनिधि इन कार्यों में जुटे हैं। इस बीच क्षेत्र पंचायत प्रमुख संगठन के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह राणा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पंचायत प्रतिनिधियों को फ्रंटलाइन वर्कर मानते हुए कोविड-19 टीकाकरण में उन्हें वरीयता देने का आग्रह किया था। 

अब सचिव पंचायतीराज ने इस बारे में जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर कहा है कि राज्य की सभी 7791 ग्राम पंचायतों के प्रधानों, 95 क्षेत्र पंचायतों के प्रमुखों और 13 जिला पंचायतों के अध्यक्षों का सहयोग कोरोना संक्रमण की रोकथाम व प्रबंधन में लिया जा रहा है। जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वे त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण सुनिश्चित कराएं।

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