देहरादून, जेएनएन। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सचिव पद के लिए अभी से सियासत गरमाने लगी है। सचिव पद के लिए ऐसे नाम भी सामने आ रहे हैं, जो कभी न तो खेलते नजर आए और न ही कभी खेल का आयोजन कराते। रातो-रात सक्रिय होने वाले शख्स को दबी आवाज में सचिव पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सचिव महिम वर्मा ने 14 अक्टूबर को बीसीसीआइ के उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया है। उपाध्यक्ष पद पर किसी अन्य दावेदार का नामांकन नहीं होने से महिम वर्मा का निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना जाना तय है। 

अब 23 अक्टूबर को बीसीसीआइ की सालाना बैठक में महिम वर्मा बीसीसीआइ उपाध्यक्ष पद के लिए शपथ ग्रहण करेंगे। यह उत्तराखंड के लिए गौरव का पल होगा। महिम वर्मा के बीसीसीआइ उपाध्यक्ष बनने से सीएयू का सचिव पद खाली हो जाएगा। इसे भरने के लिए अभी से सियासत गरमा गई है। इसके लिए कई दौर की बैठक भी हो गई हैं। 

बैठक की एक झलक राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भी देखने को मिली। उत्तराखंड व चंडीगढ़ का मैच देखने के लिए लगभग सीएयू का पूरा परिवार स्टेडियम पहुंचा था। इसमें सचिव पद के प्रबल उम्मीदवार भी स्टेडियम पहुंचे। ऐसे लोग मैच देखने की बजाय सीएयू के दिग्गजों के साथ गुफ्तगू करते नजर आए। 

इसमें मजे की बात यह भी है कि सचिव पद के दावेदार को न तो कभी खेलते हुए देखा गया है और न ही कभी क्रिकेट का आयोजन कराते हुए। हालांकि, रातो-रात सचिव पद के प्रबल दावेदार बने शख्स का चेहरा सीएयू 23 अक्टूबर के बाद ही सार्वजनिक करेगी। 

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इस दौरान स्टेडियम में सीएयू के अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला, पूर्व अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट, सचिव महिम वर्मा, पूर्व सचिव पीसी वर्मा, सह सचिव अवनीष वर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।

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Posted By: Bhanu

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