देहरादून, जेएनएन। सेल्सगर्ल आरती के परिजनों ने आरोपितों पर दुष्कर्म करने भी लगाया है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल आरोपों को देखते हुए पुलिस ने आरती और आरोपितों के सैंपल कब्जे में ले लिए हैं। जिन्हें मिलान के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। वहीं, सोमवार को आरती के परिजनों ने कैंट विधायक हरबंस कपूर से मिलकर यह भी आरोप लगाया कि घटना में चार लोग शामिल थे। जबकि एसपी सिटी ने बताया कि मौके पर दो ही मिले थे। इस बात की पुष्टि के लिए डेयरी के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और आरती के कॉल डिटेल रिकार्ड को खंगाला जा रहा है।

आरती निवासी श्रीदेवसुमनगर की शनिवार देर रात विजय पार्क स्थित एक चार मंजिला बिल्डिंग से गिर कर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस को बिल्डिंग की छत से दीपक और दुर्गेश नाम के दो युवक मिले थे। यह दोनों आरती के मित्र थे। पुलिस ने इन दोनों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। दोनों को वसंत विहार पुलिस ने सोमवार को अदालत में पेश कर दिया, जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया। 

इस बीच सोमवार को आरती के परिजन शिव मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, चंदा उनियाल व फराज खान के साथ कैंट विधायक हरबंस कपूर से मिले। यहां परिजनों ने आरोप लगाया कि आरती के साथ दुष्कर्म भी किया गया है। इसे लेकर विधायक ने एसपी सिटी और वसंत विहार पुलिस से बात की। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है और सैंपल कब्जे में ले लिए गए हैं, जिन्हें जल्द ही एफएसएल भेज दिया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस ने आरती और आरोपितों के कपड़े और बिल्डिंग से मिले बोरे को भी कब्जे में ले लिया है।

दुष्‍कर्म में बरी, अपहरण में एक साल की सजा

नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के एक साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश पोक्सो रमा पांडेय की अदालत ने आरोपित को दुष्कर्म के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। जबकि अपहरण के मामले में जेल में बिताई एक साल की सजा से दंडित किया है। अदालत ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये फैसला सुनाया।

बचाव पक्ष की ओर से अदालत की ओर से नियुक्त न्याय मित्र अधिवक्ता मनोज कुमार मल्होत्र ने अदालत को बताया कि पीड़िता के पिता की ओर से एक साल पहले रायवाला थाने में दुष्कर्म, अपहरण व पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। पीड़ित पक्ष का आरोप था कि रामासादा पुत्र माणिक सादा निवासी ग्राम रघुनाथपुर थाना सोरबाजार, सहरसा, बिहार ने उसकी बेटी का अपहरण कर दुष्कर्म किया है। इसके बाद पुलिस ने रामासादा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की ओर से आरोप पत्र दाखिल करने के बाद शुरू हुई सुनवाई के दौरान नौ गवाहों के बयान हुए। वहीं पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्य भी अदालत में प्रस्तुत किए। लेकिन इन सबूतों से दुष्कर्म के आरोप की पुष्टि नहीं हुई। इस आधार पर अदालत ने जिसके आधार पर आरोपित रामासादा पुत्र माणिक सादा निवासी ग्राम सधूनाथपुर थाना सोरबाजार, सहरसा, बिहार को दुष्कर्म के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। वहीं, अपहरण के मामले में अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए जेल में बिताई एक साल की सजा से दंडित किया है।

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एसपी सिटी श्वेता चौबे का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। सैंपल एफएसएल भेजे जा रहे हैं और आरती के मोबाइल की सीडीआर भी मंगाई जा रही है। आरती ने शनिवार को जिन-जिन लोगों से बात की है, उन सभी की लोकेशन ट्रेस की जाएगी। जांच में जिनकी भी संलिप्तता मिलेगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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Posted By: Sunil Negi

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