देहरादून, जेएनएन। विकासनगर व पटेलनगर में चेन लूट की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों ने ही प्रेमनगर ज्वेलर्स लूटकांड को अंजाम दिया था। इस रहस्य का पर्दाफाश शनिवार को पुलिस के हत्थे चढ़े रायपुर के एक ज्वेलर ने किया। पूछताछ में उसने बताया कि लूटी गई चेन को उसने ही खरीदा था। तब दोनों बदमाशों ने कहा था कि वह एक बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले हैं। प्रेमनगर में जब देव ज्वेलर्स के यहां लूट हुई तो दोनों से संपर्क करने की भी कोशिश की, लेकिन तब से दोनों के फोन स्विच ऑफ हैं। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि अब बदमाशों की पहचान पुख्ता हो गई है, टीमें दोनों की तलाश में लगी हैं।

एसएसपी ने बताया कि चार अक्टूबर को विकासनगर और इसके अगले दिन पांच अक्टूबर को पटेलनगर में चेन स्नेचिंग की वारदात हुई थी। इसके तीन दिन बाद प्रेमनगर में देव ज्वेलर्स के यहां लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने जब इन तीनों वारदातों की सीसीटीवी फुटेज चेक कराई तो तीनों में एक ही हुलिए के बदमाश दिखे। अंतर केवल इतना था कि पटेलनगर के बंजारावाला में बदमाशों ने बाइक बदल दी थी। इस इनपुट के आधार पर पूरे शहर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई गई तो पता चला कि चार और पांच अक्टूबर की वारदात के बाद बदमाश रायपुर के दशमेश विहार तक गए थे। यहां से ज्वेलर्स सूर्य प्रकाश सोनी को गिरफ्तार किया गया। उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि विकासनगर व पटेलनगर में चेन लूट की वारदात को करण शिवपुरी व सोनू यादव ने अंजाम दिया था।

सोनी ने बताया कि करन ने कहा था कि वह शहर में एक बड़ी वारदात को अंजाम देने वाला है। उसने इशारा किया था कि वह एक ज्वेलरी शोरूम को लूटने की योजना बना रहा है, लेकिन तब उसने जगह का जिक्र नहीं किया था। लेकिन उसे वारदात के बारे में जानकारी थी। जब प्रेमनगर में लूटकांड की वारदात हुई तो करन का फोन आया। करन ने तुरंत पैसों का इंतजाम करने को कहा, लेकिन रकम का जुगाड़ नही हो पाया। इस बीच करन फोन स्विच ऑफ कर फरार हो गया। तब से उससे संपर्क नही हो पाया।

जेल में हुई थी सोनी-करन की मुलाकात

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सोनी और करन की मुलाकात देहरादून जेल में हुई थी। सोनी धोखाधड़ी के और करन नेहरू कालोनी में हुई चेन लूट के मामले में बंद था। जेल में करन ने सोनी को कहा कि वह लूटी गई ज्वेलरी को खरीद कर मोटा पैसा कमा सकता है। इसके बाद दोनों जमानत पर छूट कर बाहर आ गए और आपस में मिलना जुलना जारी रहा।

करन की कोटद्वार में ननिहाल

करन मूलरूप से दिल्ली का रहने वाला है। उसकी कोटद्वार में ननिहाल है। पिता का देहांत हो चुका है और अब वह परिवार के साथ दिल्ली में ही रहता है। दिल्ली में चेन लूट व छोटे-मोटे अपराधों के करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज होने के बाद जब दिल्ली पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया तो उसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का रुख किया। जांच में सामने आया कि करन ने कोटद्वार के अलावा सेलाकुई व देहरादून शहर में ठिकाना बनाकर चेन स्नेचिंग की कई वारदातों को अंजाम दिया। नेहरू कॉलोनी में हुई एक वारदात में जेल गया था। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास का ब्योरा जुटा रही है।

14 साल की उम्र से कर रहा अपराध

पुलिस ने जब करन के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटानी शुरू की तो चौंकाने वाली बात सामने आई। वह यह कि करन ने 14 साल की उम्र से ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। इस दौरान उसका साथी दिल्ली का सोनू यादव बना जो उसके तकरीबन हर वारदात में साथ था। सूत्रों का कहना है कि सोनू यादव बाइक बहुत अच्छी चलाता है और उस पर भी 20 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

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एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने कहा कि प्रेमनगर लूटकांड का पर्दाफाश हो गया है। करन और सोनू की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। कुछ और संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। प्रयास है कि लूटा गया सोना बरामद करते हुए दोनों की गिरफ्तारी की जाए। जल्द ही नतीजा सामने होगा।

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गोवा में मिली थी आखिरी लोकेशन

करन की आखिरी लोकेशन वारदात के बाद गोवा में मिली थी। प्रेमनगर लूटकांड में उसने जिस मोबाइल का इस्तेमाल किया था उसे तो घटना के दिन ही बंद कर दिया था, लेकिन उस नंबर की सीडीआर से पुलिस को एक नंबर मिला जिसकी लास्ट लोकेशन गोवा में जाकर बंद हो गई थी। पुलिस गोवा पहुंचती, इसके पहले वह वहां से फरार हो गया। फिलहाल अब पुलिस के पास दोनों की लोकशन के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नही है। 

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Posted By: Sunil Negi

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