जागरण संवाददाता, देहरादून: पुलिस ने शनिवार दोपहर को शहर की सुरक्षा और पुलिस की मुस्तैदी जांचने के लिए प्रयोग किया। इसमें पुलिस की मुस्तैदी की पोल तो खुली ही शहर के कई हिस्सों में इसकी वजह से जाम भी लगा। चौंकाने वाली बात यह कि वायरलेस सेट संदिग्ध कार को पकड़ने की सूचना प्रसारित होने के बाद भी कैंट और बीजापुर गेस्ट हाउस के पास किसी ने गाड़ी को रोकने की जहमत नहीं उठाई।

दरअसल, एसपी सिटी पीके राय और सीओ सिटी चंद्रमोहन सिंह शनिवार को बिना नंबर की सेंट्रो कार से शहर की सुरक्षा जांचने निकले। उनके निकलने के साथ ही वायरलेस सेट से सूचना प्रसारित की गई कि एक बिना नंबर की कार में कुछ संदिग्ध लोग बैठे हैं। ये जहां मिले, तत्काल पकड़ कर रिपोर्ट की जाए। मगर यह कार घंटाघर से दिलाराम चौक, कैंट, बीजापुर गेस्ट हाउस, सिनोला होते हुए कुठालगेट पहुंच गई, मगर न तो कहीं चेकिंग मिली और न ही रास्ते पर कोई पुलिसकर्मी मुस्तैद दिखा। हालांकि, सर्किट हाउस पुलिस चौकी पर एसपी सिटी ने खुद गाड़ी रुकवाकर वहां तैनात पुलिसकर्मी से पूछताछ की। कुठाल गेट से होते हुए कार मसूरी डायवर्जन पहुंची, जहां पहले से बैरीकेडिंग कर चुकी पुलिस ने बिना नंबर की कार को पहली बार रोका। पूछताछ में जब कार में अधिकारियों को बैठे देखा तो उसे आगे के लिए रवाना कर दिया गया। इसके बाद कार को जाखन पुलिस ने रोका और फिर सहस्रधारा रोड होते हुए कार वापस घंटाघर पर आ गई। यहां एसपी सिटी पुलिस को सुरक्षा के बाबत ब्रीफ भी किया।

वहीं, एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि पंजाब के बदमाशों के दून में होने की भनक पहले ही लग गई थी। इसलिए शहर में पुलिस को मुस्तैद किया गया था और एसपी सिटी को उसकी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था। हर जगह पुलिस मुस्तैद मिली। आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।

By Jagran