देहरादून, [जेएनएन]: कांग्रेसी नेता सूर्यकांत धस्माना के कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों को बंधक बनाकर लूटने के मामले में मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से लूटे गए कुछ रुपये और एक चांदी का सिक्का बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार बदमाश सूर्यकांत धस्माना के घर पर प्लंबर का काम करता था। उसी ने अपने तीन साथियों आरिफ उर्फ मिस्त्री उर्फ मुस्तकीम, फईम और मिनुत के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। इनमें से आरिफ भी धस्माना के यहां काम कर चुका है। चारों शातिर बदमाशों के खिलाफ उप्र में कई मुकदमें दर्ज हैं। 

विदित है कि विगत 15 अक्टूबर को सुबह करीब साढ़े सात बजे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सूर्यकांत धस्माना के ईसी रोड स्थित कार्यालय में घुसकर तीन बदमाशों ने तमंचे के बल पर उनके दो कर्मचारियों धर्मेंद्र प्रसाद व उसके भाई को बंधक बनाकर लूट की घटना को अंजाम दिया था।

बदमाश वहां से 20 हजार रुपये और कुछ जेवरात लूटकर ले गए थे। दिन-दहाड़े शहर के बीचों-बीच घटी इस घटना से हड़कंप मच गया था। घटना के बाद एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने टीमों का गठन कर तुंरत आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। टीमों ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उन्हें तीन बदमाश एक कार में जाते दिखाई दिए। पुलिस ने कार के बारे में जानकारी जुटाई तो वह सूरज रावत निवासी डाकरा गढ़ी कैंट देहरादून के नाम पाई गई। पूछताछ की गई तो सूरज ने बताया कि यह कार उसने ओएलएक्स ऑनलाइन एप पर किसी सुरेंद्र नामक व्यक्ति को बेच दी थी। सूरज की ओर से दिए गए पते पर जब पुलिस सुरेंद्र के घर पहुंची तो पता गलत पाया गया। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस के जरिए सुरेंद्र की लोकेशन ट्रेस की तो उसकी लोकेशन अमरोहा में पाई गई। इसके बाद पुलिस ने लगातार पीछा करते हुए गुरुवार को सुरेंद्र पुत्र रामकिशोर निवासी पिलक सराय, अमरोहा जेपी नगर उत्तर प्रदेश को तीन पानी नेपाली फार्म के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार और लूटे गए रुपयों में से उसके हिस्से आए 5000 रुपये और एक चांदी का सिक्का बरामद हुआ। 

लूट के इरादे से ही घुसे थे तीनों 

एसपी सिटी प्रदीप राय ने बताया कि  पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी सुरेंद्र ने बताया कि वह पहले सूर्यकांत धस्माना के यहां प्लंबर का काम करता था। वर्तमान में वह आर्थिक रूप से परेशान चल रहा था। उसे पता था कि धस्माना आर्थिक रूप से धनी व्यक्ति है। इसलिए उसने आरिफ उर्फ मुस्तकीम निवासी बिजनौर, फईम निवासी अमरोहा और मिनुत निवासी बिजनौर के साथ मिलकर धस्माना के कार्यालय में लूट का प्लान बनाया। घटना के दिन वह इनकम टैक्स वाली गली में गाड़ी में ही बैठा रहा, जबकि अन्य तीनों बदमाश प्लान के मुतबिक धस्माना के ऑफिस में गए और कर्मचारियों को बंधक बनाकर लूटपाट कर वापस आ गए। इस दौरान उन्होंने 20 हजार रुपये, एक चेन, दो  अंगूठी, एक जोड़ी टॉप्स, एक मांग टीका व चांदी का सिक्का लूटा था। जिसमें से उसके हिस्से में आठ हजार रुपये व एक चांदी का सिक्का आया था। 

कार की बजाय बस से निकले शातिर 

गिरफ्तार सुरेंद्र के तीनों साथी आरिफ मिस्त्री उर्फ मुस्तकीम, फईम व मिनुत काफी शातिर है। फईम के खिलाफ थाना अमरोहा जेपी नगर में सात, आरिफ के खिलाफ थाना बहेड़ी जिला बरेली उत्तर प्रदेश में दो और मिनुत के खिलाफ थाना नजीबावाद बिजनौर में दो मुकदमें दर्ज हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भी उनकी तलाश कर रही है। तीनों इतने शातिर हैं कि वह देहरादून से बिजनौर कार से नहीं बल्कि बस से गए। क्योंकि उन्हें पता था कि कार से वह पकड़े जाएंगे। 

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Posted By: raksha.panthari

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