देहरादून, [जेएनएन]: कैरी बैग फैक्ट्री लगाने के नाम पर दून के दो कारोबारियों को 33 लाख रुपये की चपत लगाकर फरार शातिर ठग पवन कुमार अग्रवाल को क्लेमेनटाउन पुलिस ने सोमवार की शाम मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को लेकर पुलिस मंगलवार को देहरादून पहुंची। यहां उसे कोर्ट में पेश कर दिया गया, जहां से उसे जेल भेजा गया है।

पुलिस के अनुसार मूलरूप से बरेली के फरीदपुर कस्बा निवासी पवन कुमार अग्रवाल पुत्र वीरेंद्र कुमार अग्रवाल लंबे समय से 44 इंजीनियर्स एनक्लेव जीएमएस रोड वसंत विहार में ठिकाना बनाकर रह रहा था। वर्ष 2016 में पवन की मुलाकात कैलाश चंद्र पांडे निवासी दूधली क्लेमेनटाउन से हुई। पवन ने कैलाश के दूधली स्थित प्लॉट में कैरी बैग फैक्ट्री लगाने का ऑफर देते हुए कहा कि इसमें उन्हें अच्छा मुनाफा होगा। 

झांसे में आकर कैलाश ने पवन को 15 लाख रुपये दे दिए, मगर इसके कुछ ही दिन बाद पवन फरार हो गया। कैलाश की ओर से इस मामले में बीते एक फरवरी को क्लेमेनटाउन थाने में पवन के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई। पुलिस इस मामले की जांच कर ही रही थी कि बीते पांच मई को पवन की ठगी का एक और मामला सामने आ गया। इस बार अनिल कुमार चतुर्वेदी निवासी लेन नंबर सी-5 टर्नर रोड आसमा विहार ने पवन पर आरोप लगाया कि उससे भी फैक्ट्री लगाने के नाम पर 18 लाख रुपये की ठगी की गई है। 

इस बीच पवन इंजीनियर्स एनक्लेव के मकान को चुपके से खाली कर फरार हो गया। कुछ दिन पहले ही पुलिस को भनक लगी कि पवन इन दिनों मुंबई में परिवार के साथ रह रहा है। इस सुराग के मिलते ही एसओ क्लेमेनटाउन दिलबर नेगी के नेतृत्व में पुलिस टीम मुंबई रवाना हो गई। वहां लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस टीम सोमवार की शाम सात बजे के करीब उसके 201 सिद्धिविनायक अपार्टमेंट सेक्टर 20 ओरन थाना एनआरआइ नवी मुंबई फ्लैट पर पहुंच गई और उसे गिरफ्तार कर लिया।

तीन बैंक अकाउंट कराए फ्रीज पवन को गिरफ्तार करने के साथ ही पुलिस ने उसके और पत्नी मोनिका व बेटी आयुषी के एक-एक बैंक अकाउंट को फ्रीज करा दिया है। पुलिस को शक है अकाउंट के जरिए ठगी की रकम की बरामदगी के साथ ठगी के कुछ और मामलों से पर्दा उठ सकता है।

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