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पीएम आवास योजना-ग्रामीण ने पकड़ी रफ्तार, उत्तराखंड में 39815 परिवारों को मिली पक्की छत

Published: Thu, 08 Oct 2026 02:31 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 08 Oct 2026 02:33 PM (GMT+05:30)

उत्तराखंड में धामी सरकार के प्रयासों से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने गति पकड़ी है, जिससे 2022 से अब तक 39,815 परिवारों को पक्के घर मिले हैं।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। प्रदेश के गांवों में जरूरतमंद और बेघर परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने की दिशा में धामी सरकार लगातार काम कर रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के आंकड़ों पर ही नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2022 से अब तक 39,815 परिवारों को इस योजना से लाभान्वित किया जा चुका है। इनमें सर्वाधिक 4882 आवास ऊधमसिंह नगर जनपद में बने हैं, जबकि हरिद्वार में 4493 और रुद्रप्रयाग जनपद में 4032 परिवारों का पक्की छत का सपना साकार हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार बेघर परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने पर जोर दे रहे हैं। इसके लिए वो प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी और ग्रामीण के तहत अधिक से अधिक आवासों की स्वीकृति के लिए लगातार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार के समक्ष पैरवी करते रहे हैं।

इसी का परिणाम रहा है कि जहां एक तरफ पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत भी किया जा चुका है। वहीं पीएम आवास योजना ग्रामीण में भी राज्य लगातार उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहा है।

पीएम आवास योजना ग्रामीण

वर्ष 2016 में शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का उद्देश्य सभी बेघर, कच्चे और जीर्ण शीर्ण मकानों में रह रहे परिवारों को बुनियादी सुविधायुक्त पक्का घर उपलब्ध कराना है।

योजना के तहत लाभार्थी को प्रति आवास एक लाख 30 हजार रुपये की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खाते में भेजी जाती है। साथ ही बीबी रामजी योजना का लाभ भी लाभार्थी को दिया जाता है।

किस जनपद में कितने आवास

  • जनपद - आवास
  • चमोली -3900
  • पिथौरागढ़ -3386
  • पौड़ी -3195
  • उत्तरकाशी- 3057
  • देहरादून- 2839
  • चंपावत- 2789
  • बागेश्वर- 2279
  • टिहरी- 2134
  • नैनीताल- 1480
  • अल्मोड़ा -1349

किचन सामग्री के लिए धनराशि बढ़ाई गई

मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत वर्ष 2022-23 से प्रति लाभार्थी किचन सामग्री बर्तन खरीद के लिए दी जाने वाली अतिरिक्त सहायता धनराशि 5 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपए की गई है।

शौचालय निर्माण के लिए मिलते हैं 12 हजार 

स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाभार्थी को शौचालय निर्माण के लिए मनरेगा/स्वजल से 12 हजार रुपए की अतिरिक्त धनराशि दी जा रही है। इसके अलावा स्वयं के आवास के लिए 95 दिन की मजदूरी बीबी रामजी योजना से दी जा रही है। इसके साथ ही पेयजल सुविधा, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और विद्युत कनेक्शन की सुविधा भी दी जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। योजना ने हजारों ग्रामीणों का पक्की छत का सपना साकार किया है। - पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड