जागरण संवाददाता, देहरादून: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के क्षेत्रीय कार्यालय ने पीएफ (प्रॉविडेंट फंड) के डिफॉल्टरों की सूची जारी की है। इसमें पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दो अन्य सरकारी एजेंसी समेत 47 बड़े डिफॉल्टर प्रतिष्ठानों के नाम शामिल हैं। जल्द पीएफ की राशि जमा न करने की स्थिति में क्षेत्रीय आयुक्त मनोज कुमार यादव ने 25 जून के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।

क्षेत्रीय आयुक्त यादव के अनुसार कुछ समय पहले तक डिफॉल्टर प्रतिष्ठानों की संख्या 200 के करीब थी। नोटिस जारी करने के बाद 125 प्रतिष्ठानों ने पीएफ की बकाया राशि जमा कर दी, जबकि करीब 75 प्रतिष्ठान अभी भी पीएफ जमा करने में कोताही बरत रहे हैं। इनमें 47 प्रतिष्ठान ऐसे हैं, जो एक-डेढ़ साल से पीएफ जमा ही नहीं कर रहे हैं। इन प्रतिष्ठानों के पदाधिकारियों को सामान्य नोटिस जारी करने के साथ ही कार्यालय से कॉल करने व कार्यालय में बुलाकर निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद भी पीएफ जमा कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। अब 25 जून के बाद लापरवाह प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई शुरू करते हुए निरीक्षक के माध्यम से बकाया राशि का आकलन कराया जाएगा। इसके बाद डिफॉल्टरों की संपत्ति अटैच करने की गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा सकती है। ये हैं पीएफ के बड़े डिफॉल्टर (राशि लाख रुपये में)

प्रतिष्ठान, बकाया राशि

सरस्वती फाउंडेरी सर्विसेज, 37.10

यूनिटेक मशीन्स लि., 29.94

गैमोन इंडिया लि., 29.06

एनटीएल, इलेक्ट्रॉनिक्स, 26.69

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, 22.82

टाइगर स्टील्स इंजीनिय¨रग 20.16

यूएम ऑटोकॉम प्रा.लि., 20.09

मिसपोर्ट मैनुफेक्च¨रग, 19.89

टिहरी दुग्ध उत्पादक संघ 10.60

नगर निगम रुड़की, 9.09 विलंब पर 37 फीसद तक जुर्माना

ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त मनोज कुमार यादव कुमार ने बताया कि पीएफ की राशि अदा करने में जितना विलंब किया जाएगा, संबंधित प्रतिष्ठान को उतना ही अधिक जुर्माना ब्याज समेत अदा करना होगा। यह राशि अधिकतम 37 फीसद हो जाती है। ऐसे में ऋण लेकर भी पीएफ जमा करना पड़े तो उसमें गुरेज नहीं करना चाहिए।

ऐसे बढ़ता है जुर्माना (फीसद में)

दो माह से कम, 05

दो माह व चार माह से कम, 10

चार माह व छह माह से कम, 15

छह माह व अधिक, 25

नोट: जुर्माने में 12 फीसद ब्याज भी अदा करना होगा।

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देश से बाहर के कार्मिकों के पूरे वेतन पर पीएफ

ईपीएफओ का क्षेत्रीय कार्यालय जल्द ऐसे प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसने जा रहा है, जिनके यहां देश के बाहर के कार्मिक तैनात हैं। ये प्रतिष्ठान कार्मिकों की बेसिक सैलरी पर पीएफ अदा कर रहे हैं। क्षेत्रीय आयुक्त के अनुसार ऐसे कार्मिकों के पूरे वेतन पर पीएफ अदा करने का नियम है। नियमों का उल्लंघन करने वाले तमाम प्रतिष्ठान रडार पर हैं और जल्द इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran