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भैलो के रंग में रंगी द्रोण नगरी, दिखी उत्तराखंड की सप्तरंगी छटा

राजधानी देहरादून में इगास बग्वाल पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान लोगों ने लोक वाद्य यंत्रों की थाप पर भैलो खेला और झुमैलो आदि नृत्य किए।

By raksha.panthariEdited By: Published: Wed, 01 Nov 2017 01:26 PM (IST)Updated: Wed, 01 Nov 2017 09:09 PM (IST)
भैलो के रंग में रंगी द्रोण नगरी, दिखी उत्तराखंड की सप्तरंगी छटा
भैलो के रंग में रंगी द्रोण नगरी, दिखी उत्तराखंड की सप्तरंगी छटा

देहरादून, [जेएनएन]: इगास बग्वाल पर्व द्रोणनगरी में भी पारंपरिक रूप से मनाया गया। इस दौरान लोक संस्कृति की सप्तरंगी छटा भी बिखरी। ढोल-दमाऊ, मसक बाजा, तूरी, रणसिंघा आदि लोक वाद्ययंत्रों ने सभी को उल्लास से भर दिया और हर कोई झूमते-नाचते भैलो खेलने लगा। साथ ही, लोक व्यंजनों की खुशबू से भी पूरा वातावरण महकता रहा। दरअसल, गढ़वाल में दीपावली के 11 दिन बाद यानी देवोत्थान एकादशी को इगास बग्वाल पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि गढ़वाल में भगवान राम के अयोध्या पहुंचने की खबर 11 दिन बाद मिली थी तो इसी दिन दीपावली मनाई जाती है। 

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डांडी कांठी क्लब के नेतृत्व में विभिन्न संस्थाओं ने सामूहिक रूप से कुंजापुरी विहार (अजबपुर खुर्द) में इगास बग्वाल पर्व मनाया। लोक वाद्य यंत्रों की थाप पर लोगों ने भैलो खेला और झुमैलो आदि नृत्य किए। चहुंओर उल्लास ही उल्लास बिखरा था। आयोजक संस्थाओं में गढ़ भोज परिवार, मैती संस्था, उत्तराखंड फिल्म एसोसिएशन, न्यू विजन फाउंडेशन, गढ़ सम्मान, राज-केदार खंड विकास समिति, बद्री विशाल फिल्म प्रोडक्शन, सुमन सुरकंडा सेवा संस्थान आदि शामिल रहे। डांडी-कांठी क्लब के अध्यक्ष विजय उनियाल ने कहा कि विलुप्त होती संस्कृति के संरक्षण को इसी तरह के सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। आज गांव खाली हैं और शहरों में रह रहे लोग भी अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। कार्यक्रम में लोगों ने रोट, अरसा, दाल की पकौड़ी आदि  व्यंजनों का भी खूब लुत्फ उठाया। इस मौके पर मैती संस्था के कल्याण सिंह रावत मैती, लक्ष्मण सिंह रावत गढ़ भोज, विशाल मैठाणी, गणेश कुमार, शेर सिंह नेगी, अनिल बिष्ट, राजेश बिष्ट, दीपक कैंतुरा, नीरज उनियाल, सचिव थपलियाल, एसपीएस नेगी आदि मौजूद रहे।   

गढ़ी कैंट गढ़वाल सभा की ओर से दुर्गा मंदिर डाकरा बाजार में इगास पर्व पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया। कलाकारों ने लोक नृत्यों और गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। लोग भी खूब झूमे। इस मौके पर सभा के अध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, सचिव रमेश चंद्र घिल्डियाल, गुरु प्रसाद तिवारी, भगवान सिंह पंवार, कुंवर सिंह रावत, बसंती राणा, रमेश चंद्र नैथाणी आदि मौजूद रहे। 

वहीं, दिशा सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था ने चकराता रोड स्थित स्कूल में इगास बग्वाल पर्व मनाया। संस्था के उपाध्यक्ष प्रभात डंडरियाल ने कहा कि कार्यक्रम को उद्देश्य बच्चों को अपनी संस्कृति से रूबरू कराना था। उन्होंने अफसोस जताया कि किसी भी सरकार ने इस प्रमुख पर्व पर अवकाश घोषित नहीं किया। इस दौरान पंकज नेगी, सुनील बड़ोनी, नवनीत गुसाईं, विनीत बड़थ्वाल, बलबीर सिंह रावत, प्रदीप कुकरेती आदि मौजूद रहे। 

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