राजेश पंवार, विकासनगर:

पछवादून के धान और गन्ना किसान उपज बेचने के बाद भी भुगतान न होने से परेशान हैं। खाद्य विभाग के खरीद केंद्रों के माध्यम से खरीदे गए धान का भुगतान तो किसानों को मिल चुका है, लेकिन बहुउद्देशीय किसान सेवा सहकारी समिति हरबर्टपुर के खरीद केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों का अभी भी 95 लाख 32 हजार 932 रुपये बकाया है। यही हाल गन्ना किसानों का भी है। गन्ना किसानों को 30 दिसंबर तक पेराई सत्र 2020-21 का भुगतान तो हो चुका है, लेकिन गन्ना समिति देहरादून पर किसानों का 10 करोड़ 11 लाख रुपये अभी भी बकाया है।

किसान की कृषि उपज से ही आजीविका चलती है। किसी को अपने बच्चे को उच्च शिक्षा के लिए संस्थान में प्रवेश दिलाना है, किसी को बेटी या बेटे की शादी करनी है। कई किसान तो ऐसे हैं कि खेती के लिए लिया गया ऋण चुकाना है। उपज बेचने के बाद भी यदि समय पर भुगतान न हो तो किसानों की परेशानी का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। कुछ इस तरह की परेशानी से पछवादून के धान और गन्ना किसान ऋषिपाल सिंह, पूरण सिंह, बालम राम, सुमित तोमर, जगदीश, राजपाल सिंह, जयपाल सिंह सहित सैकड़ों किसान जूझ रहे हैं।

दरअसल पछवादून क्षेत्र में इस बार खाद्य विभाग और बहुउददेशीय किसान सेवा सहकारी समिति हरबर्टपुर की ओर से क्रय केंद्रों के माध्यम से 42,368 क्विटल धान की खरीद की गई थी। विपणन अधिकारी विकासनगर मोनिका अरोड़ा ने बताया कि खाद्य विभाग के माध्यम से 15,024 क्विटल धान की खरीद की गई थी, जिसका पूरा भुगतान करा दिया गया है। वहीं बहुउद्देशीय किसान सेवा सहकारी समिति हरबर्टपुर ने इस बार 27,344 क्विटल धान की खरीद की गई थी। क्रय धान की मात्रा का मूल्य पांच करोड़ 10 लाख 78 हजार 592 रुपये बैठता था। शुरुआती दौर में मूल्य के सापेक्ष चार करोड़ 15 लाख 45 हजार 660 रुपये का बजट आवंटित किया गया। वर्तमान में बहुउद्देशीय किसान सेवा सहकारी समिति हरबर्टपुर पर किसानों का 95 लाख 32 हजार 932 रुपये का बकाया है। समिति ने इस बार 548 किसानों का धान खरीदा था, जिसमें से 120 किसानों को अभी तक भुगतान नहीं किया गया। बहुउद्देशीय किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड हरबर्टपुर के सभापति संदीप त्यागी ने बताया कि धान किसानों को भुगतान के लिए 30 लाख रुपये का बजट और आया है, किसानों को इसका भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। जिसके बाद समिति पर किसानों का 65 लाख 32 हजार 932 रुपये बकाया रह जाएगा। इस बकाया मूल्य का किसानों को भुगतान करने के लिए डिमांड भेजी गई है।

उधर, गन्ना समिति देहरादून पर गन्ना किसानों का दस करोड़ 11 लाख रुपये बकाया है। गन्ना समिति देहरादून के गन्ना तौल केंद्रों पर 35 सौ किसान गन्ने की सप्लाई करते हैं। गन्ना समिति ने इस बार जीवनगढ़ तक अपने गन्ना तौल केंद्र खोले हैं। देहरादून गन्ना समिति सचिव चंद्र सिंह तोमर ने बताया कि 30 दिसंबर तक पेराई सत्र 2020-21 का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। किसानों का दो महीने का 10 करोड़ 11 लाख रुपये का भुगतान अभी बाकी है। चीनी मिल का संचालन शुरू हो गया है, प्रबंधन से भुगतान के संबंध में कहा गया है।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप