संवाद सूत्र, रायवाला: राजाजी टाइगर रिजर्व और सिचाई विभाग के बीच बाढ़ सुरक्षा कार्यों को लेकर किस तरह तालमेल का अभाव है, इसका उदाहरण मंगलवार को सामने आया। चकजोगीवाला, छिद्दरवाला के पास जाखन नदी को चैनेलाइज करने के लिए सिचाई विभाग ने कार्य शुरू कराया। शाम को जब इसका पता स्थानीय वन कर्मियों को लगा तो उन्होंने मौके पर काम कर रहे पोकलैंड चालक व उसके एक साथी को पकड़ लिया और उनको कांसरो रेंज कार्यालय ले गए।

इसकी सूचना जब सिचाई विभाग को मिली तो अवर अवर अभियंता कुलदीप कुमार कांसरो रेंज पहुंचे और विभागीय कार्य के संबंध में जानकारी दी। दरअसल सोमवार को काबीना मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने चकजोगीवाला, छिद्दरवाला में सौंग व जाखंन नदी क्षेत्र का दौरा कर सिचाई विभाग के अधिकारियों को तत्काल बाढ़ सुरक्षा कार्य कराए जाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने इस संबंध में राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक से भी दूरभाष पर वार्ता की थी। इसके बाद मंगलवार से सिचाई विभाग ने जाखन व सौंग नदी को चैनेलाइज करने का काम शुरू कराया। कांसरो के रेंज अधिकारी महेश सेमवाल ने बताया कि पार्क क्षेत्र में बिना अनुमति के प्रवेश करने पर पोकलैड चालक व उसके एक साथी को पकड़ा गया। फिलहाल उन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई और दोनों को हिदायत देकर छोड़ दिया गया। वहीं पूरे प्रकरण में सिचाई व राजाजी पार्क अधिकारियों की कार्य शैली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। मानसून सिर पर है। समय रहते सुरक्षा कार्य न होने से क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। काबीना मंत्री ने मौके पर पहुंच कर दोनों विभागों के अधिकारियों को निर्देशित भी किया है। बावजूद इसके साफ तौर पर समन्वय की कमी नजर आ रही है।

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