देहरादून, [गौरव ममगाईं]: प्रदेश में महिला सुरक्षा की दिशा में 'पैनिक बटन' के रूप में आधुनिक प्रयोग किया जा रहा है। यह डिवाइस किसी भी आपातकालीन स्थिति में आपके परिचितों और पुलिस को आपकी लोकेशन के साथ आपका जरूरी संदेश पहुंचाने का काम करेगा। डिवाइस का आकार बेहद छोटा होगा, इसे अंगूठी या चैन में भी लगाया जा सकेगा। महिला एवं बाल विकास विभाग प्रथम चरण में इस डिवाइस को देहरादून व हरिद्वार जिले में उपलब्ध कराएगा। वर्तमान में यह डिवाइस 2350 रुपये में मिलेगा लेकिन योजना को केंद्र सरकार की सब्सिडी मिलती है तो यह डिवाइस 860 रुपये में उपलब्ध होगी। 

महिला एवं बाल विकास ने इस योजना के लिए बंगलुरू की एक कंपनी के साथ अनुबंध किया है। महिला कल्याण राज्य परियोजना अधिकारी आरती बलोदी ने बताया कि डिवाइस का बाजार मूल्य तीन हजार रुपये है, लेकिन विभाग के अनुरोध पर कंपनी सब्सिडी के साथ एक डिवाइस 2350 रुपये में देने को तैयार हुई है। बलोदी ने बताया कि विभाग द्वारा केंद्र सरकार को भी एक प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें केंद्र से इस योजना को निर्भया फंड में शामिल करने का आग्रह किया गया है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो सब्सिडी मिलने के बाद यह डिवाइस मात्र 860 रुपये में उपलब्ध होगा। बताया कि यह महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य की महत्वाकांक्षी योजना है। 

ऐसे काम करेगा 'पैनिक बटन' 

डिवाइस में किसी भी 10 परिचित लोगों के मोबाइल नंबर फीड करने होंगे। किसी भी आपातकालीन स्थिति में होने पर महिला को डिवाइस का पैनिक बटन दबाना होगा। इसके बाद महज पांच सेकेंड के भीतर डिवाइस में फीड किए गए दस लोगों के मोबाइल पर मैसेज पहुंचेगा 'प्लीज हेल्प मी, आइएम इन डेंजर', साथ ही लोकेशन भी बताई जाएगी। इसके साथ ही यह मैसेज महिला एवं बाल विकास विभाग व पुलिस को भी खुद पहुंच जाएगा। जिससे विभाग और पुलिस समन्वय बिठाकर पीड़ित महिला को तत्काल मदद मुहैया कराएंगे। 

शुरू में फ्री मिलेंगे100 डिवाइस 

प्रथम चरण में कंपनी 100 डिवाइस निश्शुल्क देने जा रही है। इनमें 50-50 डिवाइस हरिद्वार व देहरादून को दिए जाएंगे। इसके बाद डिवाइस का शुल्क 2350 रुपये लिया जाएगा। 

परिणाम सफल रहे तो अन्य जिले भी होंगे शामिल 

आरती बलोदी ने बताया कि अभी देहरादून व हरिद्वार का ही चयन हुआ है। दोनों जिलों में प्रयोग सफल रहने पर अन्य जिलों को भी शामिल किया जाएगा। जिलों के चयन का आधार महिला अपराध व आबादी को रखा गया। 

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Posted By: Raksha Panthari

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