देहरादून, जेएनएन। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना से अब अन्य राज्य भी सीख लेंगे। दरअसल, आयुष्मान योजना का एक साल पूरा होने पर दिल्ली में आगामी 29-30 सितंबर को ज्ञान संगम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें उत्तराखंड में 'यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज' पर विशेष प्रस्तुतिकरण होगा। 

खास बात यह कि वर्किंग ग्रुप को भी उत्तराखंड लीड करेगा। वहीं अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना में क्लेम को लेकर फर्जीवाड़ा करने वाले अस्पतालों पर जिस तरह शिकंजा कसा गया है उसको राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने भी सराहा है। इससे जुड़े आदेश बकायदा एक पुस्तक के रूप में संकलित भी किए गए हैं। जिसे अन्य राज्यों को मुहैया कराया जाएगा। 

बता दें, प्रदेश में आयुष्मान स्वास्थ्य योजना को अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के रूप में विस्तारित किया गया था। पिछले साल दिसंबर में शुरू हुई इस योजना में सभी परिवारों को शामिल करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। 

स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार 

अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना में गड़बड़झाला करने वाले अस्पतालों नकेल कसने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार कर ली गई है। किसी भी केस में पूर्वानुमति, क्लेम की स्वीकृति आदि के लिए मानक तय किए गए हैं। अभी तक सामने आए फर्जीवाड़े के आधार पर तकरीबन 35-40 बिंदु की चेक लिस्ट तैयार की गई है। 

ऐसे में अब योजना में भुगतान स्वीकृति के लिए और भी ज्यादा पुख्ता व्यवस्था की गई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अस्पतालों द्वारा क्लेम प्रस्तुत होने पर इंटरनल सपोर्ट एजेंसी निर्धारित मानकों पर मामले की परख करेगी।

बता दें, फैमिली हेल्थ प्लानिंग लिमिटेड को सपोर्ट एजेंसी बनाया गया है। इसके बाद मामला स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट से होकर गुजरेगा। इससे शुरुआती चरण में ही फर्जीवाड़ा पकड़ में आ जाएगा। बहरहाल, अब तक की व्यवस्था म में इंटरनल सपोर्ट एजेंसी चार करोड़ सात लाख रुपये के 3350 क्लेम निरस्त कर चुकी है।

43 फीसद मरीजों का सरकारी अस्पतालों में उपचार 

अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना में क्लेम को लेकर फर्जीवाड़ा करने के मामलों में राज्य स्वास्थ्य अभिकरण द्वारा संबंधित अस्पतालों पर जो कार्रवाई की गई है उसका असर दिखने लगा है। इसमें मरीजों को गलत ढंग से रेफर करने के भी कई मामले थे। जैसे-जैसे कार्रवाई हुई इनमें कमी आ गई।

विभागीय अधिकारियों का दावा है कि अब 43 फीसद से अधिक मरीजों का उपचार सरकारी अस्पतालों में ही हो रहा है। पहले यह महज 30 फीसदी था। 

बेनेफिशरी ऑडिट की भी तैयारी 

इस योजना के तहत अब बेनेफिशरी ऑडिट की भी तैयारी की जा रही है। इस बावत राज्य स्वास्थ्य अभिकरण ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजा है। बताया जा रहा है कि प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है। इसके तहत आउटसोर्स एजेंसी मामलों का ऑडिट करेगी। जिससे इस योजना का लाभ ले चुके लोगों से बात होगी। इससे अस्पतालों की ग्रेडिंग देने में भी मदद मिलेगी।

अच्छा कार्य करने वाले कार्मिक होंगे पुरस्कृत

प्रदेश में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना को आगामी 25 दिसंबर को एक साल पूरा होने जा रहा है। इस अवसर पर राज्य स्वास्थ्य अभिकरण द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। योजना में बेहतर कार्य करने वाले कार्मिकों को सम्मानित किए जाने की भी तैयारी है। वहीं मानकों के अनुरूप मरीजों को बेहतर उपचार देने वाले सूचीबद्ध अस्पतालों को भी प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कृत किया जाएगा। 

15 से 30 सितंबर तक विशेष अभियान 

आगामी 15 से 30 सितंबर तक गोल्डन कार्ड बनाने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। ताकि अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ मिल सके। बता दें, प्रदेश में अब तक 33 लाख कार्ड बन चुके हैं। बीच में निकाय चुनाव के कारण कार्ड बनाने की रफ्तार मंद पड़ गई थी। जिसे अब तेज किया जा रहा है। 

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अस्पतालों पर कार्रवाई

-14 अस्पतालों पर की गई कार्रवाई।

-13 अस्पतालों की सूचीबद्धता समाप्त, एक पर सिर्फ अर्थदंड।

- 02 करोड़ 36 लाख रुपये की पैनल्टी।

- 09 अस्पतालों ने एक करोड़ 9 लाख जमा किए हैं। 

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योजना की अब तक की स्थिति

-33 लाख गोल्डन कार्ड बन चुके हैं।

-70 करोड़ रुपये मरीजों के उपचार पर खर्च।

-52 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है।

-74 हजार लोगों को मिला उपचार का लाभ।

-167 सरकारी व गैर सरकारी अस्पताल हैं सूचीबद्ध।

-350 क्लेम हर दिन किए जा रहे निस्तारित।

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Posted By: Bhanu

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