देहरादून, जेएनएन। दून में प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं। मंडी समिति के तमाम प्रयासों के बावजूद दाम आम आदमी के बजट में नहीं समा रहे हैं। दिल्ली व अलवर के साथ ही तुर्की और अफगानिस्तान से प्याज दून पहुंचने के बावजूद हालात जस के तस हैं। अब मध्य प्रदेश के इंदौर और गुजरात के मडुआ से आवक शुरू होने के बाद ही दामों में राहत मिलने की उम्मीद है।

दून में प्याज लगातार आम आदमी को ‘रुला’ रहा है। दिन ब दिन प्याज की कीमतों में इजाफा हो रहा है। बाजार भाव की बात करें तो प्याज 100 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा है। जबकि मंडी में विभिन्न किस्म का प्याज 65 से 75 रुपये किलो की दर से उपलब्ध है। नासिक में प्याज की फसल खराब होने के कारण इस बार पूरे देश में ही प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में दून में भी प्याज डिमांड के अनुरूप न पहुंच पाने के कारण दाम बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली व अलवर की मंडियों से स्थानीय प्याज के साथ ही तुर्की और अफगानिस्तान का प्याज भी दून पहुंच रहा है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है। कई जगह प्याज की जमाखोरी की सूचनाएं भी मिल रही हैं, जिन पर मंडी समिति की टीम छापेमारी कर रही है। 

मंडी सचिव ने जांचा प्याज का स्टॉक: मंडी समिति के सचिव विजय थपलियाल ने क्षेत्रीय निरीक्षकों के साथ नवीन मंडी स्थल में थोक व्यापारियों के स्टॉॅक को जांचा। साथ ही स्टॉक का सत्यापन किया और आवक व पूर्ति की जानकारी ली। मंडी सचिव ने बताया मंगलवार को मंडी में 736 कुंतल प्याज की आवक हुई। बताया कि मंडी में अलवर के प्याज का थोक मूल्य 70-75 रुपये प्रति किलो है, जबकि अफगानिस्तान व तुर्की के प्याज का मंडी भाव 60 से 65 रुपये प्रति किलो है।

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मंडी परिसर में किसी प्रकार की जमाखोरी आदि की निगरानी की जा रही है। सचिव ने कहा कि आने वाले दिनों में इंदौर और मडुआ से आवक शुरू हो जाएगी, जिससे प्याज के दामों में कुछ कमी आने की उम्मीद है। निरीक्षण के दौरान मंडी पर्यवेक्षक प्रदीप शर्मा, मंडी निरीक्षक अजय डबराल, हरीश कोहली, प्रीतम डिमरी, दिनेश डोभाल आदि उपस्थित थे।

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