जागरण संवाददाता, देहरादून। Uttarakhand Corona Cases इस समय पूरी दुनिया कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रान (Omicron) से डरी हुई है। इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक अलर्ट मोड में आ गई है। हालांकि, धरातल पर अभी अपेक्षित तैयारी नजर नहीं आ रही। कोरोना संक्रमण (Coronavirus Infection) को खत्म करने का सबसे उपयुक्त तरीका है अधिक से अधिक जांच करना। ताकि संक्रमित व्यक्ति को जल्द आइसोलेट कर लिया जाए। इस उपाय की धरातलीय पड़ताल करने पर पता चलता है कि राजधानी दून में बीते एक सप्ताह में रोजाना औसतन महज 1625 व्यक्तियों की ही जांच हो रही हैं।

कोरोना वायरस के नए वैरिएंट (New Variant of Coronavirus) को लेकर सरकार के अलर्ट मोड के आ जाने के दो दिन बाद यानी सोमवार के आंकड़ों पर गौर करते हैं। सोमवार को देहरादून जिले में 901 व्यक्तियों की जांच की गई और इसमें आठ व्यक्ति संक्रमित पाए गए। वहीं, जांच के लिए भेजे गए सैंपल की बात करें तो यह आंकड़ा भी 1648 पर सिमटा है।

अब वर्तमान की जांच व प्रतिदिन सैंपल एकत्रित करने की तुलना कोरोना की दूसरी लहर के चरम पर पहुंचने से करते हैं। सात मई 2021 को दून में कोरोना के सर्वाधिक 3979 मामले सामने आए थे। उस दिन स्वास्थ्य विभाग ने 11 हजार 576 सैंपल की जांच की थी और 10 हजार 596 सैंपल जांच के लिए भेजे थे। जाहिर है, मशीनरी पूरी क्षमता के साथ कोरोना संक्रमितों की पड़ताल करने में जुटी थी। अब हम दूसरी लहर के मुकाबले 15 फीसद भी जांच और सैंपल एकत्रित नहीं कर पा रहे हैं।

इस अनदेखी के चलते कोरोना के नए वैरिएंट से संक्रमित कोई व्यक्ति दून में प्रवेश कर जाए तो स्थिति बेकाबू होते देर नहीं लगेगी। हमारी मशीनरी को अनचाहे खतरे को लेकर अधिक अलर्ट होकर काम करने की जरूरत है।

एक सप्ताह में जांच व सैंपलिंग की स्थिति

तिथि, जांच, सैंपल लिए

29 नवंबर, 901, 1648

28 नवंबर, 1206, 783

27 नवंबर, 2512, 1972

26 नवंबर, 1247, 1884

25 नवंबर, 1580, 1515

24 नवंबर, 1729, 1778

23 नवंबर, 2206, 2493

यह भी पढ़ें- Omicron के खतरे ने बढ़ाई टेंशन, उत्तराखंड सरकार भी अलर्ट; कोरोना योद्धाओं के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य

Edited By: Raksha Panthri