जागरण संवाददाता, देहरादून: जिला पूर्ति कार्यालय राशन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत और सरकारी राशन विक्रेताओं पर शिकंजा कसने जा रहा है। राशन वितरण में धांधली करने वाले डीलरों का तोड़ निकालने के लिए इलेक्ट्रोनिक तराजू पर पाइंट आफ सेल (पीओएस) उपकरण लगाने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में राशन डीलरों को आने वाले समय में एक और बड़ी चुनौती से गुजरना पड़ेगा।

दरअसल, जिला पूर्ति कार्यालय धांधली करने वाले डीलरों पर शिकंजा कसने के लिए नये- नये पैंतरे अपनाते हुए आया, बावजूद नियम विरुद्ध काम करने वाले डीलरों पर शिकंजा कसने में हमेशा बौना साबित हुआ।

बायोमैट्रिक के जरिये राशन वितरण करने के निर्देश डीलरों को दिए, लेकिन कभी सर्वर खराब, तो कभी सिग्नल का बहाना बनाकर राशन विक्रेताओं ने इसका भी तोड़ निकाला। इतना ही नहीं राशन का आनलाइन रिकार्ड उपलब्ध कराने के लिए विभाग के निर्देश को ठेंगा दिखाने का काम किया।

अब राशन विक्रेताओं पर शिकंजा करने के लिए जिला पूर्ति कार्यालय ने दूसरा विकल्प पाइंट आफ सेल का निकाला है, हालांकि यह कितना कारगर साबित होगा। इसके परिणाम आने वाले समय में देखने को मिलेंगे।

बीते माह उपभोक्ताओं ने जिला पूर्ति अधिकारी एवं क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक से शिकायत दर्ज की थी, विभाग से निर्धारित किए गए तय समय पर राशन की दुकानें नहीं खोली जा रही। जिस पर पूर्ति निरीक्षकों ने सख्ती दिखाते हुए अपने-अपने क्षेत्र में संचालित हो रही दुकानों का मौका मुआयना किया।

इस दौरान डीलर लापरवाह मिले। मौके पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी डीलर द्वारा दिए गए स्पष्टिकरण को विभाग द्वारा सार्वजनिक नहीं किया गया।

विभाग ने तत्काल जांच के लिए टीम गठित की, लेकिन जांच टीम ने कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब ऐसे में विभाग एक बार फिर नियम विरुद्ध काम कर रहे डीलरों से सख्ती से निपटने के लिए आखिर दांव चलने जा रहा।

डीएसओ जसवंत सिंह कंडारी ने बताया डीलरों के तराजू पर धांधली पकड़ने के लिए पाइंट आफ सेल उपकरण लगाये जाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यालय के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।

Edited By: Sunil Negi