जागरण संवाददाता, ऋषिकेश: उच्च न्यायालय के एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद ऋषिकेश क्षेत्र से अतिक्रमण हटाए जाने संबंधी आदेश के अनुपालन में विभिन्न विभागों द्वारा अब तक 980 नोटिस जारी कर अतिक्रमण को ध्वस्त करने की चेतावनी दी गई है। चिह्नीकरण संबंधी कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

उच्च न्यायालय के आदेश पर नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, नेशनल हाईवे और एचआरडीए ने नोटिस जारी करने के साथ अतिक्रमण पर निशान लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जहां भी विभाग की टीम निशान लगा रही है, वहां आसपास क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों के बीच बेचैनी देखी जा रही है। उप जिलाधिकारी हरगिरी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने 381 अतिक्रमण चिह्नित किए थे। जिनमें 188 लोगों ने नोटिस प्राप्त कर लिए हैं। 56 लोगों के यहां नोटिस चस्पा किए गए। नेशनल हाईवे ने 145 अतिक्रमण चिह्नित किए हैं। जिनमें 60 लोगों को नोटिस थमाए गए हैं। नगर निगम के द्वारा 1127 अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे। जिनमें 366 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। 250 लोगों ने नोटिस प्राप्त किए हैं। उप जिलाधिकारी ने बताया कि हरिद्वार-रुड़की-ऋषिकेश विकास प्राधिकरण के द्वारा 1986 में प्राधिकरण की स्थापना के बाद से क्षेत्र में जितने भी ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए थे। उनकी संख्या 2093 है। 60 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्राधिकरण की एक टीम अलग से गठित कर उसमें अधिशासी अभियंता, दो सहायक अभियंता, एक अवर अभियंता, एक सहायक टाउन प्लानर को शामिल किया गया है। यह टीम इस बात की जांच करेगी कि जो भवन या कॉम्पलेक्स आवासीय नक्शे में पास है और इनका व्यवसायिक प्रयोग हो रहा है। इनके खिलाफ अलग से कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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