संवाद सहयोगी, विकासनगर: पछवादून व जौनसार बावर के निवासियों को वाहन से जुड़े कामकाज को आसान बनाने के लिए सात साल पहले विकासनगर में एआरटीओ कार्यालय खुला। इससे वाहन स्वामियों को विभिन्न कार्य और ड्राइविंग लाइसेंस आदि बनवाने की सुविधा मिली। कार्यालय को प्रारंभिक स्तर पर ढालीपुर में सिंचाई विभाग के खली पड़े जर्जर भवन में संचालित तो कर दिया गया, लेकिन इतने दिन बीतने के बाद भी उसे अपना भवन नसीब नहीं हुआ। स्थापित होने क बाद से ही उधार के भवन में संचालित हो रहे इस विभाग पर किसी की नजर नहीं पड़ रही है। यह स्थिति तब है, जबकि उप संभागीय परिवहन विभाग के भवन के लिए भूमि आंवटित करने की फाइल सिचाई विभाग, राजस्व विभाग व परिवहन विभाग के संयुक्त निरीक्षण और संस्तुति के साथ शासन को भेज दी गई थी। अब यह फाइल किस स्टेज पर है, इसके बारे में किसी भी विभाग को जानकारी नहीं है।

पछवादून और जौनसार बावर का समूचा इलाका क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से बड़ा है। क्षेत्र के विकासनगर, कालसी, चकराता और त्यूणी चार तहसीलों के निवासियों को वाहन पंजीकरण, टैक्स, ड्राइविंग लाइसेंस या फिटनेस आदि के लिए देहरादून तक की भागदौड़ से मुक्ति मिली। वर्ष 2014 में तत्कालीन सरकार ने विकासनगर में उप संभागीय परिवहन कार्यालय की स्थापना की थी। कार्यालय खोलने का उद्देश्य आरटीओ कार्यालय देहरादून से भीड़ का दबाव कम करना भी रहा। कार्यालय खोलने के लिए तत्कालिक स्थिति में ढालीपुर स्थित सिचाई विभाग के खाली पड़े भवन को चुना गया, लेकिन साथ ही यह सोच भी सरकार की थी कि आने वाले समय में कार्यालय के लिए भूमि की व्यवस्था करके विभाग का भवन बना दिया जाएगा। इसके लिए ढालीपुर में ही सिचाई विभाग की खाली भूमि को चिन्हित करके उसका प्रस्ताव बनाकर परिवहन विभाग ने तीन साल पहले सिचाई विभाग और राजस्व विभाग को भेज दिया। उसी दौरान सिचाई और राजस्व विभाग ने अपनी संस्तुति के साथ भूमि आवंटन की फाइल शासन में भेज दिया। लेकिन, अभी तक भूमि आंवटन के मामले में कार्रवाई एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है।

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काम अधिक होने से बढ़ रही समस्या

विकासनगर: उप संभागीय परिवहन कार्यालय खुलने के बाद से सात साल में कार्यालय का काम काफी बढ़ गया है। कार्यालय में वाहन संबंधी सभी प्रकार के कामकाज पूरे किये जा रहे हैं। इसके चलते कार्यालय के समय अस्थायी तौर पर लिया गया भवन अब छोटा पड़ने लगा है। इसके साथ ही चालान व सीज किए गए वाहनों को कार्यालय के सामने ही खड़ी करने की मजबूरी से यहां अव्यवस्थाओं का वातावरण बन रहा है। इसके अतिरिक्त सिचाई विभाग का भवन जर्जर होने के चलते अलग से समस्या बनी हुई है। ढालीपुर के पूर्व ग्राम प्रधान और ट्रांसपोर्टर मोहम्मद इकबाल, मोहम्मद खालिद, चौधरी इस्पदीन का कहना है कि जर्जर भवन में व्यवस्थित तरीके से कामकाज नहीं होने के कारण समस्या हो रही है। यदि एआरटीओ कार्यालय का भवन होता और उसमें विभिन्न पटल के कामकाज पूरे किये जाते तो बेहतर होता।

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तीन साल पहले एआरटीओ भवन के लिए आवंटित भूमि का राजस्व, सिचाई व परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया था। भूमि आवंटन की कार्रवाई शासन स्तर से होनी है। इसके लिए सभी आवश्यकताओं को पूरा करके उचित माध्यम से फाइल शासन को भेजी जा चुकी है, लेकिन अभी तक भवन संबंधी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।

रत्नाकर सिंह, उप संभागीय परिवहन अधिकारी विकासनगर।

Edited By: Jagran