जागरण संवाददाता, देहरादून। 18 से 44 वर्ष तक के व्यक्तियों में टीकाकरण को लेकर खासा उत्साह दिख रहा है। हालांकि, टीकाकरण केंद्रों में पसरी अव्यवस्था इस उत्साह को परेशानी में बदल रही है। दीपनगर में अर्बन हेल्थ सेंटर में बनाए गए टीकाकरण केंद्र की ही बात करें तो यहां टीका लगवाने वालों की भीड़ तो दिखी, मगर केंद्र का स्टाफ नदारद था। टीकाकरण का समय सुबह नौ बजे तय किया गया था, जबकि टीकाकरण साढ़े नौ बजे शुरू हो पाया। हालांकि, मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी तुरंत हरकत में आए और उपजिलाधिकारी को मौके पर भेजकर रिपोर्ट तलब की।

रविवार को टीका लगवाने के लिए तमाम लोग केंद्र पर सुबह आठ बजे से जुटने शुरू हो गए थे। ताकि पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर वह झटपट टीका लगवा सकें। टीकाकरण के नियत समय नौ बजे तक केंद्र में अच्छी खासी भीड़ जुट चुकी थी, मगर केंद्र के स्टाफ के पहुंचने का सिलसिला अब जाकर शुरू हुआ था। जो लोग सुबह आठ से साढ़े आठ बजे के बीच ही केंद्र पर पहुंच गए थे, उनका सब्र जवाब देने लगा था।

धूप में लाइन में खड़े लोग केंद्र कार्मिकों की लेटलतीफी पर झल्लाए और स्वास्थ्य विभाग से लेकर प्रशासन के अधिकारियों को फोन भी किया। जब जिलाधिकारी डा. आशीष श्रीवास्तव को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत उपजिलाधिकारी गोपालराम बिनवाल को मौके पर भेजा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का भी जवाब तलब किया।

उपजिलाधिकारी ने केंद्र कार्मिकों को चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति की गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इसके बाद केंद्र के कार्मिकों ने तेजी से औपचारिकताएं पूरी कीं और साढ़े नौ बजे से टीकाकरण शुरू कर दिया गया।

200 के पंजीकरण में 50 तय समय से पहले पहुंच गए थे

टीकाकरण को लेकर दून के लोग जितने तत्पर दिखे, यदि उतनी ही तत्परता के साथ केंद्रों के कार्मिक भी काम करें तो किसी भी केंद्र पर भीड़ जैसे हालात पैदा ही न हो पाएं। दीपनगर के टीकाकरण केंद्र पर कुल 200 व्यक्तियों ने पंजीकरण कराया था और इसमें से 50 व्यक्ति समय से पहले ही पहुंच गए थे। जब तक टीकाकरण शुरू हुआ, तब यह संख्या 100 पार कर गई थी। यदि कार्मिक समय पर काम करते तो भीड़ नहीं जुट पाती और नागरिकों को परेशान भी नहीं होना पड़ता।

केंद्र खोजने में दिक्कत

शहर के कुछ टीकाकरण केंद्र ऐसी जगह बने हैं, जहां पहुंचना आसान नहीं। दीपनगर का केंद्र भी ऐसी ही जगह पर है। वहीं, माजरा के केंद्र को तलाश करने में भी नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

  • शालिनी बाजपेयी (शास्त्रीनगर एक्सटेंशन) का कहना है कि टीकाकरण केंद्र पर कम से कम व्यक्तियों के बैठने की व्यवस्था तो होनी ही चाहिए। क्योंकि टीके के लिए तमाम जगह काफी इंतजार करना पड़ रहा है।
  • प्रदीप डिमरी (भाऊवाला) का कहना है कि 22 किलोमीटर दूर भाऊवाला से मुझे टीका लगवाने यहां आना पड़ा। केंद्र भी काफी भीतर गली में बनाया गया है। केंद्र को खोजने में ही इतनी मशक्कत करनी पड़ रही है।
  • होशियार सिंह गुसाईं (सुभाष रोड) का कहना है कि राधा स्वामी आश्रम में पहली डोज लगवाई थी। वहां पर उचित व्यवस्था थी, लेकिन यहां तो खड़े रहने तक की जगह नहीं। धूप में इतनी देर इंतजार करना भारी पड़ रहा है।
  • आशीष मोहन नौटियाल (तपोवन) का कहना है कि सुबह साढ़े नौ बजे के करीब केंद्र पर पहुंचा। डेढ़ घंटे इंतजार करने के बाद टीका लगाने का नंबर आया। इतनी ही देर सभी को इंतजार करना पड़ रहा है, केंद्र पर उचित व्यवस्था होनी चाहिए।

डा. आशीष श्रीवास्तव (जिलाधिकारी) का कहना है कि टीकाकरण केंद्रों को उचित व्यवस्था बनाने के निर्देश दोबारा जारी कर दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को औचक निरीक्षण को भी कहा गया है। ताकि जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। यदि कहीं हीलाहवाली पाई जाती है तो केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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Edited By: Sunil Negi