देहरादून, [जेएनएन]: राष्ट्रीय दृष्टिबाधितार्थ संस्थान (एनआइवीएच) के एक शिक्षक पर संस्थान के ही एक छात्र का यौन शोषण करने का आरोप लगा है। हिमाचल प्रदेश में रहने वाले छात्र के पिता ने इसकी शिकायत उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग से की थी और इसके बाद आयोग सदस्य शारदा त्रिपाठी ने एनआइवीएच का निरीक्षण कर मामले में पूछताछ की। 

शिकायत की पुष्टि होने पर आयोग ने संस्थान को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हालांकि, संस्थान स्तर पर इस मामले में पहले ही एक कमेटी का गठन किया जा चुका था और कमेटी की जांच में भी शिकायत की पुष्टि हुई है। 

एनआइवीएच की निदेशक अनुराधा डालमिया के मुताबिक, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। जो बात रिपोर्ट में कही गई है, वही बात संस्थान की कमेटी की जांच में भी पाई गई। यह मामला गंभीर है और सोमवार को संबंधित शिक्षक को चार्जशीट देकर जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

निदेशक ने बताया कि आयोग की रिपोर्ट पुलिस को भी प्राप्त हुई है और कुछ दिन पहले जाखन पुलिस पूछताछ के लिए संस्थान पहुंची थी। तब पुलिस को बताया गया था कि शिक्षक को चार्जशीट दी जा रही है और उसी के बाद संस्थान स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

इस मामले में अभी छात्र के पिता की तरफ से भी पुलिस को कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि उन्हें सुझाव दिया गया है कि यदि वह अपनी तरफ से रिपोर्ट कराना चाहते हैं तो शिमला में जीरो एफआइआर करा सकते हैं। 

शिक्षक पर पहले भी लगे आरोप 

आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित शिक्षक पर वर्ष 2006-07 में भी एक छात्र के यौन शोषण के आरोप लगे थे। इसके अलावा उन पर अपनी पत्नी के साथ भी जब-तब मारपीट के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, आयोग सदस्य शारदा त्रिपाठी ने जब छात्र के यौन शोषण को लेकर शिक्षक से सवाल किए तो उन्होंने आरोपों को निराधार बताया।

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