राज्य ब्यूरो, देहरादून: सुमाड़ी में 1000 करोड़ की लागत से बनने वाले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) के भवन का निर्माण दो साल में पूरा किया जाएगा। एनआइटी में आंतरिक सड़कों का निर्माण राज्य सरकार करेगी। पेयजल व बिजली की आपूर्ति की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। संस्थान परिसर में ही हेलीपैड का निर्माण भी किया जाएगा। सरकार खाली पड़े आइटीआइ भवनों में सरकारी डिग्री कॉलेजों को संचालित करने पर विचार कर रही है।

प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ धन सिंह रावत ने सोमवार को विधानसभा स्थित कक्ष में एनआइटी के संबंध में बैठक की। उन्होंने कहा कि एनआइटी जयपुर में पढ़ रहे उत्तराखंड एनआइटी के छात्र-छात्राओं को जल्द यहां शिफ्ट किया जाएगा। एनआइटी की स्थापना के लिए क्षेत्र के कई लोगों ने अपनी भूमि दान में दी है। एनआइटी में केंद्रीय विद्यालय बनने से संस्थान के स्टाफ के साथ ही आसपास के लोगों को भी फायदा होगा। लिहाजा एनआइटी का जल्द निर्माण कराने को प्रदेश सरकार कृतसंकल्प है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक श्रीनगर और 2024 तक कर्णप्रयाग रेल पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि 10 डिग्री कॉलेजों को छोड़कर सभी डिग्री कॉलेजों के पास अपने भवन हैं। जिन आइटीआइ के पास भवन हैं, लेकिन बच्चे नहीं हैं, उन भवनों में डिग्री कॉलेजों को संचालित करने के प्रयास किए जाएंगे। बैठक में अपर मुख्य सचिव तकनीकी शिक्षा ओमप्रकाश, उच्च शिक्षा सचिव अशोक कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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