राज्य ब्यूरो, देहरादून: एनएच-74 मुआवजा घोटाले की जांच की जद में आए आइएएस चंद्रेश यादव ने शासन को अपना जवाब सौंप दिया है। सूत्रों की मानें तो इसमें उन्होंने स्वयं पर लगाए गए आरोपों के संबंध में दिए गए तथ्यों को गलत बताया है। जिन तिथियों पर उनके द्वारा केस सुनवाई की बात कही गई है, उन तिथियों पर सुनवाई न किए जाने की भी बात उन्होंने कही है। हालांकि, मामले की जद में आए दूसरे आएएस अधिकारी पंकज पांडेय ने अभी अपना जवाब नहीं दिया है। उन्होंने जल्द अपना जवाब देने की बात कही है।

एनएच 74 मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआइटी ने कुछ समय पहले ही आर्बिट्रेटर की भूमिका में रहे तत्कालीन जिलाधिकारी पंकज कुमार पांडेय और चंद्रेश यादव की भूमिका पर सवाल उठाए थे। यह मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर शासन ने दोनों अधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा था। इस बीच शासन ने एसआइटी को भी दोनों अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति दे दी। एसआइटी इनसे 18 अगस्त को पूछताछ करेगी। वहीं गुरुवार को आइएएस अधिकारी औ अपर सचिव चंद्रेश यादव ने शासन को अपना जवाब भेज दिया। सूत्रों की मानें तो अपने जवाब में उन्होंने कहा है कि उन पर करोड़ों रुपये के नुकसान के आरोप को लेकर जो तथ्य दिया गया है, वह गलत है। 20-25 केस की सुनवाई की तिथि भी गलत है। उस समय हड़ताल चल रही थी। ऐसे में उन तिथियों पर उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की है। इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर भी उन्होंने सिलसिलेवार अपना पक्ष रखा है।

वहीं, आइएएस पंकज पांडेय का कहना है कि वह जल्द ही अपना पक्ष शासन के सामने रख देंगे। गौरतलब है कि प्रभारी सचिव पांडेय ने घरेलू कार्य के लिए 17 अगस्त तक के अवकाश के लिए आवेदन किया हुआ है।

Posted By: Jagran

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