राज्य ब्यूरो, देहरादून। Uttarakhand Politics प्रदेश कांग्रेस में हालिया बदलाव से पार्टी के भीतर असंतोष सतह पर भी दिखने लगा है। खासतौर पर पांच अध्यक्षों के फार्मूले को लेकर उनमें रोष है। धारचूला विधायक हरीश धामी के बीते रोज नाराजगी जताने के बाद शुक्रवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता नवप्रभात ने मेनिफेस्टो कमेटी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लेने से इन्कार कर दिया। उन्होंने प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव को दूरभाष पर इसकी जानकारी भी दी। नवप्रभात संगठन में हालिया बदलाव से नाखुश हैं। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी बदलाव के इस फार्मूले से सहमत नहीं दिख रहे हैं। इस मामले में उन्होंने नई दिल्ली में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव से मुलाकात भी की।

पार्टी में बढ़ा असंतोष

कांग्रेस हाईकमान ने बीते रोज प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए प्रीतम ङ्क्षसह को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर नेता प्रतिपक्ष की नई जिम्मेदारी सौंपी। नए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ चार कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए गए हैं। पार्टी ने साथ में 10 कमेटी भी गठित की हैं। बदलाव के जरिये सबको साथ लेने की पार्टी की कोशिशों को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा। पूर्व कैबिनेट मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता नवप्रभात पांच अध्यक्षों बनाने के पार्टी के कदम से खफा हैं।

जिसके नेतृत्व में चुनाव, वही तय करे मेनिफेस्टो

पार्टी में हुई इस कवायद को चुनाव से पहले खींचतान का नया अध्याय शुरू होने के तौर पर देख रहे नवप्रभात ने बड़ा कदम उठाया। बीते रोज सौंपी गई प्रदेश कांग्रेस मेनिफेस्टो कमेटी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लेने से ही उन्होंने इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी जिसके नेतृत्व में अगला चुनाव लडऩे जा रही है, मेनिफेस्टो तय करने की जिम्मेदारी उन्हीं की है। लिहाजा उन्हें ही कमेटी तय करने देनी चाहिए। संपर्क करने पर उन्होंने पद छोडऩे और प्रभारी से दूरभाष पर बात करने की पुष्टि की। नवप्रभात को कोर कमेटी समेत अन्य दो कमेटी में बतौर सदस्य शामिल किया गया है।

खिंचे-खिंचे से हैं किशोर

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी पांच अध्यक्ष बनाने के फार्मूले से सहज नहीं हैं। दिल्ली में मौजूद किशोर ने शुक्रवार को प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव से मुलाकात कर इस फार्मूले से पेश आने वाली दिक्कतों के बारे में उन्हें जानकारी दी। बीते रोज कार्यकारी अध्यक्ष पद पर कुछ नाम और कोषाध्यक्ष की नियुक्ति पर नाराजगी जताते हुए इस्तीफे की चेतावनी देने वाले धारचूला विधायक हरीश रावत का रुख शुक्रवार को बदला नजर आया।

इस्तीफे की धमकी देकर पलटे धामी

धामी इस्तीफा देने की चेतावनी को लेकर पलट गए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में चेहरा घोषित करने की उनकी मांग पार्टी ने पूरी कर दी है। उन्हें कोई नाराजगी नहीं है। हालांकि कार्यकारी अध्यक्ष पद पर कुछ नाम और कोषाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर अपनी आपत्ति को उन्होंने फिर दोहराया।

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Edited By: Sunil Negi