जागरण संवाददाता, देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) उत्तराखंड में शीघ्र अपना क्षेत्रीय कार्यालय खोलेगा। इससे शिक्षण संस्थानों को नैक मूल्यांकन में आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में गुणवत्ता एवं रोजगारपरक शिक्षा जरूरी है।

इसके लिए प्रदेश के समस्त उच्च शिक्षण संस्थानों को अभी से तैयारी करनी होगी। बुधवार को डीआइटी विवि के सभागार में उच्च शिक्षा विभाग व डीआइटी विवि के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय नैक कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री ने ये बातें कहीं।

क्वालिटी फैक्ट सीट व उच्च शिक्षा पर आधारित पुस्तक का विमोचन

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के पुराने वैभव और पहचान को हमें वापस लाना होगा, जो इस प्रकार के चिंतन शिविरों के आयोजनों से ही सार्थक हो सकता है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की क्वालिटी फैक्ट सीट एवं उच्च शिक्षा पर आधारित एक पुस्तक का भी विमोचन किया।

डीआइटी विवि के कुलाधिपति व पूर्व मुख्य सचिव ए. रविशंकर ने कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थान एक दूसरे के पूरक के रूप में कार्य कर सकते हैं। उच्च शिक्षा सचिव शैलेश बगोली ने कार्यशाला की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला।

इस मौके पर उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. जगदीश प्रसाद, डीआइटी विवि के चेयरमैन अनुज अग्रवाल, रूसा के सलाहकार प्रो. एमएसएम रावत, प्रो. केडी पुरोहित, अपर सचिव सचिव प्रशांत आर्य, एमएम सेमवाल, नैक के प्रो. श्रीकांत स्वामी आदि मौजूद रहे।

प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान को नैक एक्रिडिएशन कराना होगा

उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं को गुणवत्ता एवं रोजगारपरक मूल्य आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान को नैक एक्रिडिएशन कराना होगा।

साथ ही शिक्षण संस्थानों में संसाधनों की उपलब्धता, फैकल्टी की तैनाती, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं एवं अन्य गतिविधियों के आधार पर संस्थानों को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) ग्रेडिंग दी जाएगी। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए निकट भविष्य में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में नैक प्रशिक्षण की पांच कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।

डा. रावत ने कहा कि राज्य में वर्तमान में 35 विवि, 119 राजकीय महाविद्यालय, 21 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय एवं 300 से अधिक निजी उच्च शिक्षण संस्थान हैं। जिनमें लगभग पांच लाख छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। शिक्षण संस्थानों की सहूलियत के लिए नैक के सहयोग से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में शीघ्र ही नैक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 तक सूबे में 25 माडल कालेज तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं को एनसीसी, एनएसएस, रोवर रेंजर, स्वच्छता, साक्षरता, पर्यावरण आदि विभिन्न परंपरागत एवं स्थानीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, इसके लिए एनईपी-2020 के अंतर्गत पाठ्यक्रम में भी उपरोक्त सभी विषयों को समावेश किया जाएगा।

उच्च शिक्षा विभाग ने किए विभिन्न संस्थानों से एमओयू

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। जिसमें भारतीय उद्यमिता संस्थान अहमदाबाद, एडुनेट एवं अमृता विश्व विद्यापीठम शामिल हैं।

भारतीय उद्यमिता संस्थान प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में उद्यमिता, रोजगार कौशल और गुणवत्तापरक शिक्षा में सहयोग प्रदान करेगा, एडुनेट के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं फैकल्टी को निश्शुल्क तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि अमृता विश्व विद्यापीठम अपने मटेरिल साइंस केंद्र एवं वर्चुअल लैब के माध्यम से विज्ञान विषय में शोध एवं अन्य गतिविधियों में सहयोग करेगा।

Edited By: Nirmala Bohra

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