राज्य ब्यूरो, देहरादून:उत्तराखंड में गंगा स्वच्छता को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को दिल्ली में नमामि गंगे की समीक्षा के दौरान उत्तराखंड में गोमुख से लेकर हरिद्वार तक स्वीकृत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण और गंगा में गिरने वाले नाले टैप करने का कार्य इस साल दिसंबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए।

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने दिल्ली में समीक्षा बैठक के दौरान उत्तराखंड में चल रही नमामि गंगे परियोजना और इसकी प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने परियोजना में गोमुख से लेकर हरिद्वार और बदरीनाथ से हरिद्वार तक स्वीकृत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ ही गंगा में गिर रहे नालों की स्थिति पर राज्य के अधिकारियों से गहनता से जानकारी हासिल की।

सचिव पेयजल अरविंद ह्यांकी के अनुसार जल संसाधन मंत्री ने नमामि गंगे के कार्याें में तेजी लाने के निर्देश दिए। स्वीकृत एसटीपी का निर्माण, उच्चीकरण और नाले टैप करने का कार्य दिसंबर तक पूरा कराने को कहा। इस सिलसिले में उन्होंने संबंधित ठेकेदारों के साथ बैठक के लिए भी निर्देशित किया। गौरतलब है कि जनवरी में देहरादून प्रवास के दौरान नमामि गंगे की समीक्षा में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने हरिद्वार, ऋषिकेश समेत अन्य स्थानों पर गंदे नालों का पानी गंगा में गिरने पर चिंता जताई थी। साथ ही इसके लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

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गोमुख से हरिद्वार तक नाले

-135 कुल नाले चिह्नित

-70 नाले किए जा चुके टैप

-58 नालों पर कार्य शुरू

-07 नाले हैं शेष

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सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

-30 नए एसटीपी का निर्माण होना है गोमुख से हरिद्वार और बदरीनाथ से हरिद्वार तक

-06 एसटीपी की क्षमता बढ़ाने को इनका किया जाना है उच्चीकरण

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Posted By: Jagran