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मसूरी को जाम से मुक्ति दिलाने की तैयारी, देहरादून से लेकर पहाड़ों तक बनेगा ट्रैफिक मास्टर प्लान

Published: Wed, 28 Oct 2026 09:24 PM (IST)

देहरादून जिला प्रशासन मसूरी में यातायात दबाव कम करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार कर रहा है। इसमें ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

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HighLights

  1. मसूरी यातायात दबाव कम करने को मास्टर प्लान।

  2. नए पार्किंग स्थल, वैकल्पिक मार्ग और शटल सेवा।

  3. अल्पकालिक व दीर्घकालिक समाधानों पर फोकस।

जागरण संवाददाता, देहरादून। मसूरी जाने वाले वाहनों का दबाव शहर के भीतर कम करने के लिए जिला प्रशासन अब यातायात व्यवस्था को नए सिरे से व्यवस्थित करने की तैयारी में है। लक्ष्य सिर्फ नए पार्किंग स्थल बनाना नहीं, बल्कि पर्यटकों के वाहनों को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों में प्रवेश करने से पहले व्यवस्थित करना और जाम के प्रमुख कारणों का समाधान तलाशना है।

इसके लिए शहर के बाहर से मसूरी और अन्य पर्यटन स्थलों तक वाहनों की आवाजाही, वैकल्पिक मार्गों, शटल सेवा और पार्किंग को जोड़कर मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।

बुधवार को ऋषिपर्णा सभागार में यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) को संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। योजना में सड़क नेटवर्क की क्षमता, जाम वाले जंक्शनों, पार्किंग की उपलब्धता और भविष्य में बढ़ने वाले यातायात दबाव को ध्यान में रखना होगा।

प्रशासन अल्पकालिक सुधारों और दीर्घकालिक आधारभूत ढांचे के विकास के प्रस्ताव अलग-अलग तैयार करेगा। बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद, पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात जगदीश पंत और एमडीडीए के अधिकारी उपस्थित रहे। अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

23 पार्किंग स्थल प्रस्तावित, अब उपयोगिता की परीक्षा
देहरादून और मसूरी में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए पहले 23 स्थलों को प्रस्तावित किया गया था। अब प्रशासन इनकी दोबारा समीक्षा करेगा। सवाल सिर्फ यह नहीं होगा कि किस जगह पार्किंग बनाई जा सकती है, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि वहां पार्किंग बनने से जाम घटेगा या वाहनों की आवाजाही और उलझेगी।

डीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्थल पर उपलब्ध भूमि, सड़क की चौड़ाई, वाहनों के प्रवेश और निकास, संभावित क्षमता तथा आसपास के यातायात पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया जाए। प्रस्तावित जंक्शन सुधार और पार्किंग निर्माण को भी एक साथ परखना होगा, ताकि एक समस्या दूर करने के प्रयास में दूसरी समस्या न पैदा हो।

संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद को मसूरी के मौजूदा और प्रस्तावित पार्किंग स्थलों का ब्योरा देने तथा उप जिलाधिकारी सदर को देहरादून की पार्किंग व्यवस्था की जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया है। डीपीआर और भूमि की व्यवहार्यता की स्थिति भी स्पष्ट करनी होगी।

शहर में घुसे बिना मसूरी पहुंचने के विकल्प की तलाश
पर्यटन सीजन में मसूरी जाने वाले वाहनों का दबाव देहरादून के प्रमुख मार्गों पर बढ़ता है। प्रशासन अब इस दबाव को शहर के भीतर फैलने से रोकने के विकल्प तलाश रहा है। शहर के बाहरी हिस्सों से वाहनों को आगे निकालने के संभावित मार्गों, सड़क संपर्क और पार्किंग स्थलों की उपयोगिता का अध्ययन किया जाएगा।

इसके साथ शटल सेवा की ऐसी व्यवस्था बनाने पर विचार होगा, जिसमें पर्यटक निर्धारित पार्किंग स्थल पर वाहन खड़ा कर आगे की यात्रा कर सकें। इसके लिए सिर्फ पार्किंग स्थल चिह्नित करना पर्याप्त नहीं होगा। वहां तक पहुंचने वाली सड़क की क्षमता, मुख्य मार्गों से जुड़ाव और पर्यटकों की आवाजाही को व्यवस्थित करने की जरूरतों का भी आकलन किया जाएगा।

अन्य राज्यों के भीड़भाड़ वाले शहरों और पर्यटन स्थलों में लागू यातायात प्रबंधन के उपायों का अध्ययन कर देहरादून की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। हालांकि, फिलहाल किसी नए वैकल्पिक मार्ग या शटल सेवा को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।

तत्काल राहत के उपाय और स्थायी समाधान की अलग योजना
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यातायात दबाव वाले क्षेत्रों में तत्काल किए जा सकने वाले सुधारों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। इनमें जंक्शनों का सुधारीकरण, मौजूदा पार्किंग का बेहतर प्रबंधन और यातायात संचालन को व्यवस्थित करने के उपाय शामिल होंगे। दीर्घकालिक योजना में सड़क कनेक्टिविटी, वैकल्पिक मार्गों और नए पार्किंग स्थलों के विकास को शामिल किया जाएगा।

एमडीडीए को यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और टाउन प्लानर के साथ मिलकर ठोस प्रस्ताव तैयार करने होंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि योजना शहर की वर्तमान जरूरतों के साथ भविष्य के यातायात दबाव को भी ध्यान में रखकर बनाई जाए, ताकि पर्यटन सीजन में जाम से राहत देने के साथ स्थानीय नागरिकों का आवागमन भी सुगम हो सके।

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