देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में अभी बेरोजगारी की स्थिति काफी विकट है। सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के सभी सेवायोजन कार्यालयों में कुल 4,69,907 बेरोजगार पंजीकृत हैं। इनके सापेक्ष प्रदेश सरकार ने तीन साल में 30,020 लोगों को ही निजी क्षेत्र में रोजगार दिया है। वहीं, प्रदेश सरकार ने केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के नोटिस पर मार्च के बाद प्रदेश में चल रहे 104 कौशल प्रशिक्षण केंद्रों पर रोक लगा दी है। इस दौरान वहां 15902 प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। 

बुधवार को सदन में विधायकों द्वारा लगाए गए सवालों के लिखित जवाब में श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में बेरोजगारों को रोजगार देने की कोई नीति नहीं है। सरकार ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) में आयोजित कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से 3495 बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 2017 से अभी तक 25547 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इनमें से 10649 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। रोजगार केंद्रों और रोजगार मेलों के माध्यम से निजी क्षेत्र के नियोजकों को आमंत्रित कर 15876 बेरोजगारों को रोजगार प्रदान किया गया। कुल मिलाकर सरकार ने 30020 युवाओं को निजी क्षेत्र के रोजगार से जोड़ा गया है। 

प्रदेश में पंजीकृत बेरोजगार 

अल्मोड़ा- 36933

नैनीताल- 46588

पिथौरागढ़- 31853

ऊधमसिंह नगर- 51431

बागेश्वर - 16803

चंपावत-15149

देहरादून - 67809

टिहरी- 35632

उत्तरकाशी - 28192

हरिद्वार - 53408

पौड़ी - 42341

चमोली - 25902

रुद्रप्रयाग- 17866

योग- 469907

होप पोर्टल पर 16903 ने किया पंजीकरण

प्रदेश में कोरोना काल के बाद घर लौटे व स्थानीय व्यक्तियों में से कुल 16093 बेरोजगारों ने पंजीकरण कराया है। इसमें इन बेरोजगारों ने शैक्षिक योग्यता से लेकर अपने कार्य अनुभव और रुचि के क्षेत्र का जिक्र किया है। इस पोर्टल में नियोक्ताओं को भी जोड़ा गया है। पोर्टल में 102 नियोक्ताओं ने 2277 रिक्तियों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। इनमें अभी चयन प्रक्रिया होनी बाकि है। 

टनकपुर में बनेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइटीआइ 

प्रदेश में कुल 91 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) हैं। इनमें से 20 के पास अपना भवन नहीं है। अब इन्हें अपना भवन देने की तैयारी चल रही है। टनकपुर में अभी आइटीआइ चल रहा है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का आइटीआइ बनाने की तैयारी चल रही है। इसके मास्टर प्लान को स्वीकृति मिल चुकी है। बनबसा में फिलहाल नए आइटीआइ बनाने की सरकार की कोई योजना नहीं है। सरकार की मंशा बनबसा या आसपास के क्षेत्रों के छात्रों को टनकपुर में ही छात्रावास बनाकर प्रशिक्षण देने की है। इस पर काम भी चल रहा है।

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नंदासैंण आइटीआइ का नाम शहीद मान सिंह के नाम पर

सरकार ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नंदासैण का नाम शहीद मान सिंह के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में शासनादेश हो चुका है। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने लिखित जवाब में यह जानकारी दी है।

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