देहरादून, राज्य ब्यूरो। पंचायत चुनाव के दौरान जिला पंचायत सदस्य पद के भाजपा समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ सोशल मीडिया में वायरल हुए विधायक उमेश शर्मा काऊ के ऑडियो के मामले में विधायक ने पार्टी के नोटिस का जवाब दे दिया है। विधायक को विशेष वाहक के जरिये उनके कार्यालय में कारण बताओ नोटिस सौंपा था था। इसके बाद शाम विधायक ने पार्टी के प्रांतीय कार्यालय के सचिव को अपना जवाब बंद लिफाफे में सौंप दिया। 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने विधायक का जवाब मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में उनके दिल्ली से देहरादून लौटने पर यह लिफाफा खोला जाएगा। इसके बाद ही इस संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा।

रायपुर विकासखंड में जिला पंचायत सदस्य की अस्थल सीट से भाजपा समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ विधायक काऊ का एक ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। इससे असहज भाजपा ने विधायक ऑडियो प्रकरण को अनुशासनहीनता मानते हुए रविवार शाम को विधायक काऊ को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसमें विधायक को तीन दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा गया था। 

इस बीच मामले में नया मोड़ तब आया, जब सोमवार देर शाम तक विधायक यह कहते रहे कि उन्हें नोटिस मिला ही नहीं है। अलबत्ता, सोशल मीडिया में यह नोटिस जारी होने के साथ ही छाया हुआ था। बाद में मंगलवार को दोपहर सवा बारह बजे भाजपा कार्यालय से भेजे गए विशेष वाहक के जरिये यह नोटिस विधायक के कार्यालय में सौंपा गया। 

इसके बाद विधायक ने भी जवाब देने में देरी नहीं लगाई। विधायक काऊ प्रदेश कार्यालय पहुंचे और कार्यालय सचिव पुष्कर सिंह काला को बंद लिफाफे में अपना जवाब सौंपा। यह बात भी सोशल मीडिया में खूब फैली। 

विधायक काऊ ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की और कहा कि यह हमारे घर का मामला है। हालांकि, देर रात संपर्क करने पर दिल्ली में मौजूद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने विधायक काऊ का जवाब मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि विधायक ने प्रदेश कार्यालय में जवाब सौंप दिया है। एक-दो दिन में उनके देहरादून लौटने पर विधायक के जवाब का बंद लिफाफा खोला जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विधायक के बयान को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भाजपा विधायक सुरेश राठौर के विवादित बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों को सोच समझ कर बोलना चाहिए और मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। 

महाराणा प्रताप स्पो‌र्ट्स कॉलेज में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भाजपा विधायक के विवादित बयान के संबंध में पूछे गए सवाल पर कहा कि सरकार की नीति सबका विकास, सबका साथ व सबका विश्वास लेकर साथ चलने की है। किसी भी जन प्रतिनिधि को इस तरह के बयान से बचना चाहिए। उन्हें मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। 

दरअसल, भाजपा विधायक का कुछ दिनों पहले एक शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान उनके संबोधन को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ। इसमें विधायक द्वारा क्षेत्र के एक गांव को पाकिस्तान बताया गया। इस वीडियो ने भाजपा को असहज कर दिया था। 

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पार्टी ने इस पर उनका स्पष्टीकरण भी लिया था। वहीं, पलायन के संबंध में पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तथ्य सामने आया है कि पलायन करने वालों में 40 प्रतिशत युवा हैं। ऐसे में यह देखना होगा कि क्या ये रोजगार की तलाश में तो पलायन नहीं कर गए। अगर ऐसा है तो यह अस्थायी पलायन है। युवा रोजगार की तलाश में गए हैं न कि पूर्ण रूप से प्रदेश छोड़कर। ऐसे में इसे पूर्ण पलायन के रूप में नहीं देखा जा सकता।

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