राज्य ब्यूरो, देहरादून। उद्योग मंत्री गणेश जोशी ने सिडकुल (स्टेट इंडस्ट्री डेवलपमेंट कारपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड) में स्थापित उद्योगों में स्थानीय निवासियों को 70 फीसद रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने सचिव उद्योग को इस संबंध में 10 दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सिडकुल के खाली प्लाटों को उद्यमियों को उपलब्ध कराने के लिए इनकी कीमतों को कम करने के भी निर्देश दिए हैं।

बुधवार को कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने विधानसभा में उद्योग विभाग के अधिकारियों और उद्यमियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण दो वर्षों से उद्यमों का नुकसान हुआ है। विभागीय अधिकारी उद्यमियों के साथ बैठक कर उनके सामने आ रही समस्याओं के समाधान का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए वह अगले माह उद्यमियों के साथ विस्तार से बैठक कर औद्योगिक विकास की रूपरेखा पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि कीमत अधिक होने के कारण कई वर्षों से सिडकुल के प्लाट खाली पड़े हैं। ऐसे में इनकी कीमत कम की जाएगी। उन्होंने रुद्रपुर में प्लाट की कीमत 2500 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने संबंधी प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ये प्लाट केवल उद्यमियों को ही बेचे जाएं।

उन्होंने अधिकारियों को एमएसएमइ नीति में असम और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उद्योगों को स्थापित करने के बाद एक हजार दिन तक सभी दस्तावेज व मानकों को पूरा करने के लिए समय देने को कहा। इस दौरान इन उद्योगों की जांच नहीं की जाएगी। 2022 में समाप्त होने वाली औद्योगिक नीति को आगे बढ़ाने और महिलाओं की भांति ही पूर्व सैनिकों को उद्यम लगाने के लिए सरकारी अनुदान में छूट देने के लिए उचित कदम उठाने के भी निर्देश कैबिनेट मंत्री ने दिए। इसके साथ ही उन्होंने उद्यमियों को प्रमाण पत्र मिलने में हो रही देरी को देखते हुए अधिकारियों को आवेदन करने से 15 से 20 दिन में अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था करने को कहा। बैठक में सचिव उद्योग राधिका झा समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

सेलाकुई प्रकरण पर ली जाएगी विधिक राय

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सेलाकुई में उद्योगों को नोटिस दिए जाने पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि मामला कोर्ट से संबंधित है। ऐसे में इस पर कोई निर्णय लेने से पहले विधिक राय जरूरी होगी। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को मामले की विधिक राय लेने के साथ ही एक सप्ताह के भीतर इसकी पूरी जानकारी एकत्र कर उनके सम्मुख रखने को कहा है।

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Edited By: Sunil Negi