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मिडिल ईस्ट के धमाकों की दून में भी गूंज, प्रीतम ने बताया कुवैत में धमाके का हाल

Published: Mon, 02 Mar 2026 03:47 PM (IST)

इजरायल-अमेरिका के ईरान पर हमले से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा है, जिससे उत्तराखंड और देहरादून के परिवार चिंतित हैं।

कुवैत एयरपोर्ट पर फंसे भारतीय मैनचेस्टर के लिए हुए रवाना (फाइल फोटो)

कुवैत एयरपोर्ट पर फंसे भारतीय मैनचेस्टर के लिए हुए रवाना (फाइल फोटो)

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सोबन सिंह गुसांई, देहरादून। इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर किए हमले से समूचा मिडिल ईस्ट तनाव में है।

धमाकों की प्रत्यक्ष गूंज भले ही मिडिल ईस्ट के देशों में सुनाई दे रही है, लेकिन उससे उत्तराखंड और राजधानी देहरादून के तमाम वह परिवार भी सहमे हैं, जिनके स्वजन या रिश्तेदार वहां फंसे हैं।

अपनों की चिंता पल-पल बेचैनी बढ़ा रही है और सरकार, शासन और प्रशासन की मशीनरी भी अलर्ट मोड में आकर हालत की जानकारी जुटा रही है।

इन्हीं हमलों में कुवैत का एयरपोर्ट भी तबाह हो गया है। ऐसे में उत्तराखंड के कई लोगों के कुवैत में फंसे होने की सूचना है।

कुवैत से कई लोग अपने घर आने को बेताब हैं, लेकिन हवाई सेवाएं ठप होने के कारण फिलहाल वहीं फंस गए हैं।

देहरादून से बड़ी संख्या में युवा व कामगार खाड़ी देशों में रोजगार के लिए गए हुए हैं। इनमें से काफी लोग कुवैत में निर्माण कार्य, होटल व्यवसाय, पेट्रोलियम सेक्टर और निजी कंपिनयों में कार्यरत हैं।

धमाकों की खबर मिलते ही स्वजन ने सबसे पहले अपनों से संपर्क साधने की कोशिश की। हालांकि, अभी तक नेटवर्क संबंधी दिक्कतों की बात सामने नहीं आई है।

कुवैत में रह रहे दून निवासी प्रीतम सिंह ने बताया कि शनिवार को राकेट हमले से कुवैत का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तबाह हो गया था।

इससे लोग इधर-उधर नहीं जा पा रहे हैं। स्थिति यह है कि कुवैत से जो लोग बिजनेस कार्य से बाहर गए थे, वह भी वहीं फंस गए हैं।

अब जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक उन्हें वहीं रहने की सलाह दी गई है। धमाकों के चलते दो दिन के लिए स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं।

लोगों ने युद्ध को देखते हुए अपने-अपने घरों में राशन व पानी सहित आवश्यक सामग्री स्टोर कर दी है।

दो दिनों के लिए स्कूलों में छुट्टी, कार्यालयों में वर्क फ्राम होम

प्रीतम सिंह ने बताया कि बिगड़ते हालातों को देखते हुए दो दिन के लिए स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं। हालात सामान्य नहीं होते तो स्कूलों में छुट्टियां और बढ़ाई जा सकती हैं।

इसके अलावा कई कार्यालयों में वर्क फ्राम होम शुरू कर दिया गया है। नौकरीपेशा लोगों को घरों से ही काम करने को कहा गया है।

दून से जिन लोगों के स्वजन कुबैत में फंसे हैं, वह सुबह-शाम अपनों की खैरियर पूछ रहे हैं।

एलआइयू ने भी रिकार्ड जुटाना शुरू किया

दूसरी ओर एलआइयू ने भी अपने स्तर पर इजरायल, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, कुबैत समेत अन्य देशों में रहने वाले युवकों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।

अभी तक सामने आया है कि कुछ युवक विकासनगर से खाड़ी देशों में पढ़ने के लिए गए हैं। उनके स्वजन से भी संपर्क किया जा रहा है। दूसरी ओर विभिन्न एंबेंसी से भी संपर्क किया जा रहा है।

जन्मदिन मनाने दुबई दर्शन सिंह परिवार सहित फंसे

सहस्रधारा रोड निवासी वरिष्ठ पत्रकार दर्शन सिंह रावत परिवार सहित जन्मदिन मनाने दुबई गए हैं। उनका बेटा शशांक पिछले हफ्ते उन्हें दुबई लेकर गया। साथ में शशांक की मां, पत्नी और बेटा भी हैं।

आज सुबह उनकी वापसी की फ्लाइट थी, लेकिन युद्ध से बिगड़े हालात के चलते एयरपोर्ट बंद कर दिए गए और सभी फ्लाइट रद हो गई।

दर्शन सिंह रावत के अनुसार बीती रात से ही इमरजेंसी सायरन बजने लगे। जिसके साथ चिंता भी बढ़ने लगी।

सड़कों पर सन्नाटा पसरा और उन्हें होटल में ही कैद होने को मजबूर होना पड़ा। अब रावत परिवार ओमान से फ्लाइट लेने की तैयारी कर रहा है। उन्हें परसों तक का इंतजार करना पड़ेगा। वह कामना कर रहे हैं कि हालत जल्द नियंत्रण में आ जाएं और मिडिल ईस्ट फंसे उत्तराखंड के सभी लोग सकुशल घर लौट सकें।