जागरण संवाददाता, देहरादून: पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय कोरोनेशन चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) और एक चिकित्सक पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली फिजियोथेरेपिस्ट ने शुक्रवार को अस्पताल में हंगामा किया। आरोप था कि सीएमएस द्वेष भावना से उसका मेडिकल स्वीकार नहीं कर रहे और दो माह का वेतन भी रोक दिया है। उसने मुख्यमंत्री कार्यालय में भी शिकायत कर इंसाफ की गुहार लगाई है। उधर, सीएमएस ने फिजियोथेरेपिस्ट के खिलाफ अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने की शिकायत पुलिस से की है।

फिजियोथेरेपिस्ट ने सीएम कार्यालय में दी शिकायत में कहा है कि मई 2019 से सीएमएस और एक अन्य डॉक्टर उसका शोषण कर रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर शासन स्तर से इसकी जाच की जा रही है। इसके बावजूद सीएमएस अपने पद का दुरुपयोग कर उसे बिना वजह परेशान कर रहे हैं। उक्त प्रकरण को लेकर वह मानसिक तनाव में थी और बीमार पड़ गई। इस कारण 28 अगस्त से 31 अक्टूबर तक छुट्टी पर रही। जिसका मेडिकल दिया। एक नवंबर से लगातार ड्यूटी कर रही है। आरोप है कि मेडिकल स्वीकार नहीं किया जा रहा। उसका दो माह का वेतन भी जारी नहीं किया जा रहा है। इससे वह मानसिक व आर्थिक परेशानियों का सामना कर रही है। शिकायत लेकर सीएमएस के पास पहुंची तो अभद्रता की गई और ऑफिस से चले जाने को कहा गया।

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महिला फिजियोथेरेपिस्ट का मेडिकल संदिग्ध है। इसीलिए वेतन का प्रकरण महानिदेशालय को रेफर कर दिया है। महानिदेशालय के आदेशानुसार ही कार्रवाई की जाएगी। यह पूरा प्रकरण हाईकोर्ट में है, इसीलिए न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास रखना चाहिए। महिला कर्मचारी ने कार्यालय आकर कई लोगों के सामने अभद्रता की व सरकारी कार्य में बाधा डाली। इसकी लिखित शिकायत पुलिस से की है।

-डॉ. बीसी रमोला, सीएमएस, कोरोनेशन अस्पताल

Posted By: Jagran

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