जागरण संवाददाता, देहरादून

अपनी प्राकृतिक आबोहवा के लिए पहचान रखने वाला देहरादून आज स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में हब के रूप में उभरा है, इसमें श्री दरबार साहिब की भी अहम भूमिका है। इस मातृ संस्था की छत्रछाया में श्री महंत इंदिरेश हॉस्पिटल अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहा है। यह अस्पताल का मकसद है कि दूनवासियों को बेहतर और रियायती दर पर स्वास्थ्य सुविधाएं यहीं एक छत के नीचे उपलब्ध हो जाएं। हॉस्पिटल ने इससे भी आगे बढ़कर कदम बढ़ाए हैं।

जनरल वार्ड में जरूरतमंद रोगियों को शुल्क में 50 फीसद तक छूट मिलती है। हॉस्पिटल ने देहरादून और बाहरी क्षेत्र में भी नि:शुल्‍क स्‍वास्‍थ्‍य शिविरों का आयोजन किया है। कॉरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्‍सबिलिटी यानी सीएसआर के तहत यह हॉस्पिटल समाज के हर तबके को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की दिशा में अग्रसर है। 

चैरिटी पर है विशेष फोकस
एक दौर था, जब देहरादून के लोग बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ समेत अन्य शहरों की दौड़ लगाते थे । ऐसे में श्री दरबार साहिब ने पहल की और 2002 में अस्तित्व में श्री महंत इंदिरेश अस्पताल आया। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस 1500 शैयाओं वाले इस अस्पताल में चैरिटी पर खास फोकस किया है।
अस्पताल के प्रवक्ता भूपेंद्र रतूड़ी बताते हैं कि अस्पताल की मातृ संस्था श्री दरबार साहिब के मार्गदर्शन में अस्पताल जनसामान्य को रियायती दर पर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करा रहा है। एक ही छत के नीचे यह सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती होने वाले गरीब तबके के मरीजों के लिए शुल्क में 50 फीसद तक छूट मिल रही है।

हर साल 450 स्वास्थ्य शिविर

श्री महंत इंदिरेश अस्पताल की ओर से हर साल लगभग 450 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन होता है, जिसमें अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक लोगों के स्वास्थ्य की फ्री जांच करते हैं। दवाएं भी उन्हें उपलब्ध कराई जाती हैं। ये शिविर सीएसआर के तहत आयोजित किए जा रहे हैं। श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन के तहत संचालित विद्यालयों के बच्चों का भी स्वास्थ्य परीक्षण यह अस्पताल करता है।

70 संस्थाओं के साथ अनुबंध
श्री महंत इंदिरेश अस्पताल ने केंद्र और राज्य के 70 नामी संस्थानों के साथ अनुबंध किया हुआ है। इसके तहत इन संस्थानों के कार्मिकों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जाती हैं। यही नहीं, दून के इंडस्ट्रियल एरिया में कार्य करने वाले श्रमिकों के लिए भी यह अस्पताल किसी वरदान से कम नहीं है।

 

By Krishan Kumar