जागरण संवाददाता, देहरादून: दून मेडिकल कालेज के छात्र 2019 बैच के पांच एमबीबीएस छात्रों के निष्कासन को रद करने की मांग पर अड़े हैं। इसके लिए उन्होंने सोमवार को भी करीब तीन घंटे तक कालेज में प्रशासनिक भवन के सामने धरना दिया और प्राचार्य से मुलाकात की मांग की। प्राचार्य के शहर से बाहर होने के चलते उनकी वार्ता नहीं हो सकी। हालांकि, प्राचार्य से वार्ता के बाद फैकल्टी ने छात्रों को दो दिन में निष्कासन रद कराए जाने का आश्वासन दिया है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान छात्रों की फैकल्टी से तीखी नोकझोंक भी हुई। छात्रों को मुख्य वार्डन डा. अशोक कुमार, सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष डा. देश दीपक आदि ने समझाने की कोशिश की। इस पर छात्रों ने कहा कि वह फीस कम करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन कालेज प्रबंधन तानाशाही रवैया अपनाए है।

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पांच छात्रों को बिना वजह हास्टल से निष्कासित कर दिया गया, जिससे उनका मनोबल टूटा है।वह अपनी जायज मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैैं और इसमें किसी भी छात्र ने अनुशासनहीनता नहीं की है। अगर निष्कासन करना ही था तो सभी का किया जाता।

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उन्होंने कहा कि कालेज प्रबंधन मामले को दूसरी तरफ मोड़ रहा है, जबकि छात्रों पर किसी ने भी दबाव नहीं बनाया है।छात्र अपनी मर्जी से आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि फीस कम नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। जब तक छात्रों का निष्कासन रद नहीं होगा, वह प्रशासनिक भवन के सामने रोजाना धरना देंगे।

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Edited By: Sumit Kumar