देहरादून, जेएनएन। सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ वन विभाग की ओर से कराई गई हॉफ मैराथन में बदइंतजामी की हदें पार हो गईं। राजपुर रोड पर भरे ट्रैफिक के बीच बच्चों व अन्य धावकों को दौड़ा दिया गया। जिसमें स्कूटी से टकराकर एक धाविका बुरी तरह जख्मी हो गई। गंभीर जख्मी धाविका का मैक्स अस्पताल में उपचार चल रहा है। स्थिति ये थी कि इस आयोजन में हरी झंडी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को दिखानी थी, मगर वह निर्धारित समय से करीब दो घंटे की देरी से पहुंचे। जिसकी वजह से दौड़ शुरू नहीं हुई व इस दौरान आयोजकों ने प्रतिभागियों को भूखे-प्यासे इंतजार कराया। मुख्यमंत्री आए तो दौड़ शुरू तो हुई लेकिन आयोजकों और पुलिस-प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्ट करने की जरूरत नहीं समझी।

सैकड़ों बच्चों को उस सड़क पर दौड़ा दिया जहां न केवल कार या दुपहिया बल्कि सिटी बसें, विक्रम तक दौड़ रहे थे। हर पल बच्चों के साथ हादसे का खतरा बना हुआ था। अभिभावक भी उनकी सुरक्षा की चिंता करते हुए पीछे-पीछे चलने लगे। गांधी पार्क से शुरू हुई हॉफ मैराथन में एस्लेहॉल चौक से कुछ दूरी पर ही हादसा हो गया। मैराथन में दौड़ रही एक युवती बेकाबू गति से चल रही स्कूटी से टकराकर बुरी तरह जख्मी हो गई। बताया जा रहा है कि घायल धाविका वन विभाग में ही उपनल के जरिए कार्यरत है, लिहाजा अधिकारी मामला दबाने में जुटे रहे। बता दें कि, वन विभाग ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ ग्रीन मैराथन (हॉफ) का आयोजन गांधी पार्क से किया था।

इस मैराथन को सुबह आठ बजे शुरू होना था। राजपुर रोड पर राजपुर हाइट्स बिल्डिंग तक इसे पूरा होना था। मैराथन में प्रतिभाग करने के लिए सेना, वन विभाग के कर्मी, कॉलेज व स्कूल के छात्र-छात्राएं सुबह करीब साढ़े आठ बजे तक जुट गए थे। आयोजक मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हरी झंडी दिखाने आने का इंतजार करते रहे और दौड़ शुरू नहीं की। जब करीब नौ बजे तक भी मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे तो प्रतिभागी बच्चे व उनके अभिभावक परेशान होने लगे। वह आयोजकों से मैराथन शुरू करने का आग्रह करते रहे लेकिन उन्हें हर बार 'बस कुछ देर और' ही जवाब मिलता रहा।

एक-डेढ़ घंटे तक इंतजार करते करते कई धावक पार्क में ही सो गए। कईं परेशान निराश होकर बेंच पर बैठकर सीएम का इंतजार करने रहे। दो घंटे इंतजार के बाद भी जब मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे तो उनका हौसला टूट गया। बच्चों व अभिभावकों ने सवाल-जवाब कर हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच करीब साढ़े दस बजे मुख्यमंत्री वहां पहुंचे और मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इंतजार के बाद शुरू हुई मैराथन में धावकों का सड़क पर मुसीबतें इंतजार कर रही थी।

कार्यक्रम की पूर्व सूचना होने के बावजूद पुलिस की ओर से रूट डायवर्ट नहीं किया गया। दौड़ में सुरक्षा के केवल ये इंतजाम थे कि इसमें वन विभाग की एक जिप्सी पीछे-पीछे चल रही थी। भरे ट्रैफिक के बीच दौड़ते धावकों में एक धाविका पूजा हादसे में गंभीर जख्मी हो गई जबकि कई अन्य हादसों का शिकार बनते-बनते बचे। जैसे-तैसे मैराथन पूरी हुई तो धावकों के अभिभावकों व परिजनों को राहत मिली। मैराथन में सेना के तीन जवानों ने पहला, दूसरा और तीसरा पुरस्कार जीता। इस दौरान महापौर सुनील उनियाल गामा व प्रमुख सचिव आनंदवद्र्धन समेत प्रमुख वन संरक्षक जयराज, पीके पात्रो, जेएस पांडे व वीके गाम्टे आदि मौजूद रहे।

न खानपान न एंबुलेस के इंतजाम

सुबह साढ़े आठ बजे से साढ़े दस बजे तक मैराथन शुरू होने का इंतजार करते रहे धावकों के लिए वन विभाग ने खानपान का कोई प्रबंध नहीं किया था। जब हंगामा होने लगा तो उन्हें सिर्फ चाय और पानी उपलब्ध कराया गया। यही नहीं मैराथन में नियम के तहत हादसे की आशंका को देखते हुए वन विभाग द्वारा एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं की गई थी। प्राथमिक उपचार के लिए कोई व्यवस्था नहीं दिखी। इसी कारण हादसे में घायल हुई धाविका को विभागीय वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया।

पुरस्कार को लेकर भी अव्यवस्था

मैराथन खत्म होने के बाद जब पुरस्कार वितरण हुआ तब भी अव्यवस्थाएं दिखाई दीं। दूसरे व तीसरे पुरस्कार को लेकर कई धावक आपस में टकरा गए। उनका दावा था कि वे जीते हैं, लिहाजा उन्हें पुरस्कार मिलना चाहिए। इसे लेकर काफी देर तक गहमा-गहमी की स्थिति रही। आयोजकों ने किसी तरह मामला शांत कराकर पुरस्कार वितरण किया।

जीत नहीं प्लास्टिक के खिलाफ भागें युवा: मुख्यमंत्री

मैराथन से पूर्व प्रतिभागियों को संबोधित कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि दौड़ में पहला, दूसरा व तीसरा नंबर हासिल करने के लिए न दौड़ें, बल्कि प्लाटिस्क का उपयोग बंद करने की सोच लेकर भागीदारी निभाएं। रास्ते में यदि सिंगल यूज प्लास्टिक या पॉलीथिन पड़ी मिले, जो उसे उठाएं और कूड़ेदान में डालें। ऐसा करने वाला ही सही मायनों में असल विजेता होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने का जो अभियान चलाया है, उसमें सभी वर्ग की भागीदारी जरूरी है। प्लास्टिक मुक्त दून से लेकर स्वस्थ-सुंदर एवं ग्रीन दून बनाने को सभी दूनवासियों का एकजुट होकर संकल्प लेना होगा। मुख्यमंत्री ने गांधी पार्क में नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे ओपन जिम का भी निरीक्षण किया।

 

दौड़ में लापरवाही पहले भी  लील चुकी है छात्रा की जान

शहर में किसी उद्देश्य को लेकर बच्चों की दौड़ में लापरवाही के चलते पहले भी गंभीर हादसा हो चुका है। राजपुर रोड पर 18 अप्रैल-10 को कराई मैराथन 'रन-टू-लिव' में चिल्ड्रन एकेडमी की दसवीं की छात्रा श्रुति की मौत हो गई थी, जबकि कई बच्चे घायल हो गए थे। इस घटना में एनआइवीएव के नजदीक आग में झुलस रहा पेड़ बच्चों पर गिर गया था। हादसे आयोजकों व चिल्ड्रन एकेडमी स्कूल की प्रिंसिपल व चार अन्य के विरुद्ध देहरादून अदालत में दर्ज मुकदमा हुआ था। मजिस्ट्रेटी जांच में भी आयोजकों की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। इसके बाद भी रविवार को हुई मैराथन में न आयोजकों ने बच्चों की सुरक्षा की परवाह की, न पुलिस व प्रशासन ने।  

स्कूली बच्चों में मोटापा घटाने का संदेश देने के उद्देश्य से 18 अप्रैल 10 को इको वाच संस्था की तरफ से रन-टू-लिव नाम से दौड़ का आयोजन किया गया था। इस दौड़ में विभिन्न पब्लिक स्कूलों के लगभग दो हजार बच्चों ने भाग लिया। दौड़ राजपुर रोड पर सेंट जोजेएफ एकेडमी से स्कालर्स होम जाखन तक जानी थी। दौड़ के वापस लौटते वक्त एनआइवीएच के सामने जलता हुआ विशाल पेड़ बच्चों पर गिर गया। इस हादसे में करीब दो दर्जन छात्र-छात्राएं बुरी तरह जख्मी हो गए थे व चिल्ड्रन एकेडमी स्कूल की दसवीं की छात्रा श्रुति लोधी पुत्री दीपक लोधी की मृत्यु हो गई थी। प्रशासन ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। मजिस्ट्रेटी जांच में स्कूल प्रबंधन और आयोजकों की गलती पाई गई, पर कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में थक-हारकर श्रुति के पिता दीपक लोधी ने अदालत की शरण ली थी। अदालत ने चिल्ड्रन एकेडमी की प्रिंसिपल समेत पीटीआई, स्पोटर्स इंचार्ज समेत एक शिक्षक और मुख्य आयोजक के खिलाफ आइपीसी की धारा-304 (ए) के अंतर्गत अदालत में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। हालांकि, दो साल पहले अदालत ने स्कूल के सभी सदस्यों को दोषमुक्त कर दिया था। यह मामला वर्तमान में हाईकोर्ट में लंबित है।

मैराथन वाली खबर में विजयी प्रतिभागी

हाफ मैराथन में प्रथम दस धावक 

  • वेद प्रकाश, आर्मी गढ़ी कैंट
  • पंकज खत्री, स्पोट्र्स कॉलेज रायपुर
  • सुरेंद्र गोस्वामी, स्पोट्र्स कॉलेज रायपुर
  • शमशेर सिंह, स्पोट्र्स कॉलेज रायपुर
  • रजनीश, आर्मी गढ़ी कैंट  
  • महेंद्र , स्पोट्र्स कॉलेज रायपुर
  • विनोद कुमार, आर्मी गढ़ी कैंट
  • मोहित, आर्मी गढ़ी कैंट
  • मित्रपाल ,आर्मी गढ़ी कैंट
  • नीरज चाहर ,आर्मी गढ़ी कैंट

हाफ मैराथन में प्रथम दस धाविका

  • राधा, स्पोट्र्स कॉलेज रायपुर
  • संध्या, स्पोट्र्स कॉलेज रायपुर
  • रेशमा, स्पोट्र्र्स कॉलेज रायपुर
  • शोभा, स्पोट्र्स  कॉलेज रायपुर
  •  रि‍ंंकी, स्पोट्र्स  कॉलेज रायपुर
  • तृप्ति, स्पोट्र्स  कॉलेज रायपुर
  • वंदना सिंह, गृहणी प्रेमनगर
  • शशि मेहता, एनसीसी प्लेजेंट वैली
  • काजल, मसूरी स्पोर्टस कॉलेज
  • साक्षी बिष्ट, स्पोर्टस कॉलेज

 प्लास्टिक मुक्त भारत के लिए संकल्पबद्ध हैं छात्र 

प्रेमनगर अंतर्गत स्मिथनगर में पर्वतीय कल्याण समिति की ओर से स्कूली छात्रों के लिए एक व्याख्यान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन समिति के सामुदायिक केंद्र में हुआ। जिसमें कक्षा 9-12वीं तक के छात्र छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता का विषय 'प्लास्टिक मुक्त भारत' रहा। स्कूली छात्रों ने प्रभावशाली व्याख्यान देकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। मुख्य अतिथि हेस्को के संस्थापक डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि इस तरह के आयोजन से जहां छात्रों को पर्यावरण संरक्षण और संतुलन की जानकारी मिलती है वहीं उनमें अपनी बातों को रखने का आत्मविश्वास भी पैदा होता है।

 यह भी पढ़ें: पुरुष अंडर-23 में उत्तराखंड ने पहली बार चखा जीत का स्वाद

उन्होंने कहा कि आज के दौर में छात्रों को पर्यावरण के प्रति सजग होना होगा। क्योंकि उनके उठाए गए कदमों से ही आने वाले पर्यावरण की सुंदर तस्वीर सामने आएगी। उन्होंने सभी विजेता छात्रों को पुरस्कृत किया। कक्षा नौंवी की छात्रा अंशिका थापा प्रथम, नौंवी की मोनिका गुसाईं द्वितीय व 12वीं की छात्रा विनोदिनी पांडे तीसरे स्थान पर रहीं। जबकि सांत्वना पुरस्कार दसवीं की छात्रा सृष्टि पुरोहित को मिला। पूर्व में आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के विजेता छात्र कार्तिक लखेड़ा, मोहित जोशी, अशिता पुरोहित, आदित्य, गौरव, खुशी और सानिया को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर सकलानंद मैंदोला, कैप्टन मथुरादत्त चौबे, पूरण चंद्र मिश्रा, समिति सचिव चंद्रमोहन कोटनाला सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

 यह भी पढ़ें: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उत्तराखंड को मिली हार Dehradun News

Posted By: Sunil Negi

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप