जागरण संवाददाता, विकासनगर: कोतवाली की पुलिस ने सौरभ हत्याकांड के मुख्य आरोपित को गाजियाबाद यूपी से गिरफ्तार कर लिया है। हत्या करने के बाद आरोपित रातभर खेत में रहा, अगले दिन बस से देहरादून पहुंचा, वहां से किसी से लिफ्ट लेकर सहारनपुर गया और वहां से बस से खोड़ा कालोनी गाजियाबाद पहुंचा। जहां से पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया है। उधर, पुलिस ने आरोपित किराएदारों का सत्यापन न कराने पर मकान मालिक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किया।

कोतवाली क्षेत्र के चायबागान में 12 जून की रात में दो सगे भाईयों ने सौरभ उर्फ सागर 23 पुत्र राजकुमार निवासी लक्ष्मीपुर की पिटाई कर अधमरा करने के बाद गला घोटकर हत्या कर दी थी। चाय बागान के चौकीदार द्वारा टार्च की रोशनी मारने पर दोनों आरोपित चप्पल आदि छोड़कर भाग निकले थे, पुलिस ने रात में ही युवक का शव बरामद कर लिया था। मृतक के भाई रोहित की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर चार टीमें बनाकर आरोपितों की धरपकड़ के प्रयास किए। घटना के अगले दिन पुलिस ने आरोपित कंचन पुत्र स्व. खालिद मूल निवासी ग्राम तारकपुर लालबाग थाना बोरपुर जिला मुर्शिदाबाद पश्चिमी बंगाल हाल किरायेदार मुकेश कुमार निवासी गुडरिच को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुख्य आरोपित कमरेज की तलाश में जुटी पुलिस टीमों ने जब जांच पड़ताल की तो पता चला कि कमरेज खोड़ा कालोनी गाजियाबाद में कुछ लोगों को जानता है, हो सकता है कि मुख्य आरोपित कमरेज गाजियाबाद में हो, जिस पर पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र दत्त उनियाल के निर्देश पर कोतवाल प्रदीप बिष्ट नेपुलिस टीमों को गाजियाबाद की खोड़ा कालोनी भेजा। पुलिस ने दबिश देकर बुधवार को मुख्य आरोपित कमरेज पुत्र खालिद को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपित कमरेज ने पुलिस पूछताछ में बताया कि कुछ समय पूर्व उसके भाई कंचन की जान पहचान सौरभ उर्फ सागर से हुई थी। 12 जून की रात 10 बजे के आसपास दोनों भाईयों ने सागर के साथ चाय बागान में बैठकर शराब पी, तत्पश्चात सागर शराब के नशे में दोनों से विवाद करने लगा और अनर्गल बातें करने लगा। इस बात पर गुस्सा होकर दोनों भाईयों ने सौरभ उर्फ सागर को लात-घूसों व मुक्कों से मारकर अधमरा कर दिया। जब सागर ने इस पिटाई का बदला लेने की बात कही तो दोनों ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी थी। कोतवाल प्रदीप बिष्ट के अनुसार मुख्य आरोपित ने पुलिस को बताया कि घटना की रात वह हत्या करने के बाद वह खेत में सोया। अगले दिन बस में बैठकर हरबर्टपुर से आइएसबीटी देहरादून गया और वहां से लिफ्ट लेकर सहारनपुर गया, जहां से बस में बैठकर सीधा खोड़ा कालोनी गाजियाबाद यूपी चला गया। पुलिस ने कमरेज की निशानदेही पर घटना के दिन पहने कपड़े कब्जे में लिए हैं। कोतवाल के अनुसार किराएदारों का सत्यापन न कराने पर मकान मालिक का चालान कर पांच हजार रुपये जुर्माना वसूल किया गया है।

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केस खोलने में पुलिस टीमों की अहम भूमिका

विकासनगर: सौरभ हत्याकांड खोलने वाली पुलिस की चार टीमों ने रात दिन एक किया। किसी ने सर्विलांस का सहारा लेकर आरोपितों की लोकेशन तलाशी, किसी ने आरोपितों के स्वजनों से पूछताछ की तो किसी ने मुखबिरों के जरिए आरोपितों की तलाश में भागदौड़ की। पुलिस की तत्परता से केस खुलता चला गया और दोनों आरोपित पुलिस के हत्थे चढ़ गए। केस खोलने में सीओ वीडी उनियाल, कोतवाल प्रदीप बिष्ट, एसएसआई कुलवंत सिंह, चौकी प्रभारी हरबर्टपुर प्रमोद कुमार, चौकी प्रभारी बाजार अर्जुन सिंह गुसाईं, सिपाही नवीन कोहली, त्रेपन, किरण पाल, राजेश का अहम रोल रहा।

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Edited By: Sumit Kumar