देहरादून, जेएनएन। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सचिव महिम वर्मा का भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) में उपाध्यक्ष बनना लगभग तय है। इसके लिए सोमवार को बीसीसीआइ की नई कार्यकारिणी के लिए उन्हें अपना नामांकन कराया है। उपाध्यक्ष पद पर किसी अन्य सदस्य का नामांकन पत्र नहीं आने से महिम का उपाध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है। 23 अक्टूबर को होने वाली सालाना बैठक के बाद वह पदभार संभाल सकते हैं। उत्तराखंड के लिए खास होगा 23 अक्टूबर का दिन 

23 अक्टूबर का दिन उत्तराखंड किक्रेट के लिए खास होगा। विश्व के सबसे ताकतवर क्रिकेट संघ (बीसीसीआइ) में उत्तराखंड का सदस्य बड़ी भूमिका निभाते नजर आएंगे। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सचिव महिम वर्मा बीसीसीआइ के उपाध्यक्ष चुनने के बाद 23 अक्टूबर को होने वाली सालाना बैठक के बाद पदभार ग्रहण कर सकते हैं। नामांकन के दौरान मुंबई में उनके पिता व सीएयू के पूर्व सचिव पीसी वर्मा भी उनके साथ थे।

उत्तराखंड क्रिकेट के लिए शुभ संकेत 

राज्य गठन के बाद से उत्तराखंड बीसीसीआइ से मान्यता के लिए जूझ  रहा था, राज्य संघों के आपसी मतभेदों के चलते उत्तराखंड को बीसीसीआइ से मान्यता नहीं मिल पा रही थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने 13 अगस्त 2019 को क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को पूर्ण मान्यता देते हुए उत्तराखंड के प्रतिभावान खिलाडिय़ों के लिए आगे बढऩे के रास्ते खोल दिए थे। हालांकि इस बात को कतई नहीं नाकारा जा सकता कि इस सब के पीछे क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के पूर्व सचिव पीसी वर्मा के जीवन भर की कड़ी मेहनत थी। अब उत्तराखंड बोर्ड का सदस्य बीसीसीआइ में बड़ी भूमिका में शामिल रहेगा, यह उत्तराखंड क्रिकेट के लिए शुभ संकेत है। 

बीसीसीआइ का भरोसा जीतने में कामयाब रहा उत्तराखंड

वैसे तो उत्तराखंड के खिलाड़ी ऋषभ पंत, उन्मुक्त चंद, मनीष पांडे, पवन नेगी, आर्यन जुयाल समेत अन्य कई खिलाड़ी भारतीय सीनियर व जूनियर टीमों में अपना जौहर दिखा रहे हैं। इससे यह बात तो तय है कि उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। लेकिन क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को मान्यता देने के बाद, पहले ही साल में उत्तराखंड के सदस्य को बीसीसीआइ में बड़ी भूमिका देने से यह साफ होता है कि बीसीसीआइ उत्तराखंड पर भरोसा जता रही है। 

आइपीएल और भारतीय टीम के मैचों के रास्ते खुलेंगे

सीएयू के सचिव महिम वर्मा के बीसीसीआइ में उपाध्यक्ष बनने के बाद उत्तराखंड में आइपीएल से लेकर आइसीसी टूर्नामेंट की राहत आसान होगी। महिम वर्मा ने बातचीत में बताया कि वह बीसीसीआइ में रहते हुए निष्पक्ष भाव से देश में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रिकेट और खिलाडिय़ों के हित के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। विदित हो कि उत्तराखंड में दो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम हैं। एक देहरादून का राजीव गांधी स्टेडियम और दूसरा हल्द्वानी का नवनिर्मित क्रिकेट स्टेडियम। जहां आइपीएल समेत अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी की जा सकती है।

महिम को छोड़ना होगा सचिव का पद

बीसीसीआइ में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद महिम वर्मा को सीएयू में सचिव का पद छोड़ना होगा। सूत्रों के अनुसार सचिव पद के लिए अभी से कई दावेदारी सामने आने लगी है। हालांकि, सचिव की जिम्मेदारी किसे मिलेगी यह आने वाले दिनों में ही पता चलेगा।

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महिम वर्मा (सचिव, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड) का कहना है कि मैं अमित शाह, राजीव शुक्ला, एन श्रीनिवासन व अनुराग ठाकुर का धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने मुझ पर भरोसा कर जताते हुए मुझे इस पद के लिए काबिल समझा। मैं पूरी ईमानदारी के साथ अपने कार्य का निर्वाहन करूंगा।  

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Posted By: Sunil Negi

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