जागरण संवाददाता रुड़की: राजस्थान के उदयपुर में जिहादियों द्वारा एक युवक की निर्मम हत्या किए जाने पर श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि महाराज ने कड़ी नाराजगी जताई है।

उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर किसी भी व्यक्ति की गर्दन काट देना धर्म नहीं हो सकता है। कहा कि धार्मिक उन्माद की जगह धार्मिक सद्भाव को आगे बढ़ाने के लिए सभी को आगे आना चाहिए

मंगलवार को प्रेस को जारी बयान में महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि महाराज ने कहा कि इस घटना की सभी संप्रदाय के धर्म गुरुओं को साथ मिलकर निंदा करनी चाहिए। बताना चाहिए कि यह घटना निंदनीय है और इस्लाम में ऐसा करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह देश हिंदू और मुसलमान दोनों का है और सभी को यहां मिलकर रहना है। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार समेत सभी राजनीतिक दलों को भी इस दिशा में राजनीति न करते हुए राष्ट्र धर्म में और राष्ट्रहित में काम करना चाहिए।

साथ ही, इस तरह की मानसिकता रखने वालों को चिह्नित करते हुए उनके लिए कठोर दंड का प्रविधान किया जाना चाहिए। उनको कानून के दायरे में सख्त और कठोर सजा दी जानी चाहिए।

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हरिद्वार: युवकों ने जूना अखाड़े के संत को पीट-पीटकर किया घायल

श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के एक संत पर कुछ युवकों ने लाठी-डंडों से पीट पीटकर घायल कर दिया। वारदात को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गए। सिर में गंभीर चोट आने के कारण संत को देहरादून रेफर कर दिया। एक निजी अस्पताल के आइसीयू में संत को भर्ती कराया गया है। अखाड़े के सचिव ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया है।

पुलिस के मुताबिक सोमवार देर रात जूना अखाड़ा की छावनी से चंद कदम की दूरी पर भैरव मंदिर के पास अखाड़े के कोठारी महंत महाकाल गिरि अचेत हालत में मिले। आनन-फानन में उन्हें रानीपुर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल लाया गया।

Edited By: Sunil Negi