देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड में महाष्टमी और रामनवमी पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिरों और लोगों के घरों में कन्याओं का पूजन किया गया। इस अवसपर पर कन्याओं को उपहार भेंट किए गए। आचार्य सुशांत राज ने बताया कि मध्यान्ह नवमी तिथि होने के कारण रामनवमी शनिवार को पड़ी, जबकि इसका पारण रविवार को सुबह सात बजे के बाद किया जाएगा। वहीं, राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कन्या पूजन कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना की। राज्यपाल ने राजभवन में आमंत्रित कन्याओं का पूजन कर उन्हें अपने हाथों से भोजन परोसा।  

इसबार महाष्टमी के व्रत और पूजन के साथ ही रामनवमी भी 13 अप्रैल को मनाई जा रही है। शनिवार को महाष्टमी के साथ ही नवमी दोनों का व्रत रहा। पंडित सुभाष जोशी के अनुसार शनिवार को कन्या पूजन करने का शुभ मुहूर्त सुबह 8 बजकर 15 मिनट से 11 बजकर 49 मिनट तक रहा, जबकि 11 बजकर 49 मिनट के बाद से नवमी शुरू हुई। इसके साथ ही ये रविवार सुबह सात बजकर 39 मिनट तक रहेगी। आचार्य सुशांत राज ने बताया कि मध्यान्ह नवमी तिथि होने के कारण रामनवमी शनिवार को मनाई जा रही है, जबकि नवमी का पारण रविवार को किया जाएगा। 

रघुनाथ मंदिर से निकाली गई भगवान राम की डोली यात्रा

वहीं, इस अवसर पर त्रिवेणी घाट स्थित प्राचीन रघुनाथ मंदिर से भगवान राम की डोली यात्रा निकाली गई। रघुनाथ मंदिर में भगवान श्री राम का अभिषेक करने के बाद मंदिर श्री रघुनाथ मंदिर चैरिटेबल सोसायटी के सदस्यों ने भगवान राम की डोली यात्रा निकाली। श्रद्धालुओं ने डोली में पुष्प चढ़ाकर प्रसाद वितरित किया। डोली यात्रा में संस्था के प्रधान महेश कुमार, मंत्री सूर्य प्रकाश सिंह, राहुल शर्मा, राजकुमार अग्रवाल, संजय शर्मा,वशीकरण शर्मा, विशंभर आदि शामिल हुए।

राज्यापल ने कन्याओं को अपने हाथों से परोसा भोजन  

वहीं, राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने रामनवमी के अवसर पर कन्या पूजन कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना की। राज्यपाल ने कन्याओं का पूजन कर उन्हें अपने हाथों से भोजन परोसा। इस अवसर पर दुर्गा अष्टमी और रामनवमी की बधाई देते हुए राज्यपाल ने बालिका शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के अपने संकल्प को दोहराया। 

 

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति का कितना बड़ा महत्व है यह हमें दुर्गा पूजन से ज्ञात होता है। शक्ति का सम्मान और पूजन सिर्फ नवरात्रों में नहीं बल्कि हर दिन करने का संकल्प लेना चाहिए। आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। खेल, विज्ञान, कला, प्रशासन, राजनीति, साहित्य हर क्षेत्र में महिलाओं ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। 

राज्यपाल मौर्य ने प्रदेश वासियों को बैसाखी पर्व की बधाई दी है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि बैसाखी पर्व देश के विभिन्न भागों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व होने के साथ ही यह किसानों और नई फसलों से जुड़ा पर्व है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर समाज के सभी लोग प्रेम और भाईचारे की भावना को मज़बूत करें और देश की तरक्की में योगदान देने का संकल्प लें।

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Posted By: Raksha Panthari

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