जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : उत्तराखंड महासंघ का थीम सॉग Þरंगीलो पहाड़'सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है। इस गीत को इतने बेहतर तालमेल के साथ तैयार किया गया है, कि यह गढ़वाल और कुमाऊं के दोनों पर्वतीय क्षेत्रों में खसा पसंद किया जा रहा है। उत्तराखंड की संस्कृति में रचे-बसे त्योहारों, परंपराओं और रीति-रिवाजों को समेटे इस गीत को एक सोशल मीडिया पर सप्ताह में ही चार लाख से अधिक लोग देख और पसंद कर चुके हैं।

उत्तराखंड महासंघ ने खास तौर पर होली के त्योहार के लिए यह गीत रंगीलो पहाड़ तैयार कराया है। लोक गायक कमल जोशी द्वारा लिखे और गाए इस गीत में रेडियो जॉकी काव्या ने गेस्ट अपीरियंस किया है। लोक गायक कमल जोशी ने बताया कि यह गीत पूरे उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर सके, इसलिए इसमें गढ़वाल, कुमाऊं और रवाईं-जौनसार सभी क्षेत्रों का बखूबी उल्लेख किया गया है। गीत में शब्दों का चुनाव इस तरह किया गया है कि वो गढ़वाल के साथ-साथ कुमाऊं व जौनसार में भी समझे जा सकें। उन्होंने बताया कि गीत के पहले अंतरे में पहाड़ की होली का जिक्र जरूर है, मगर यह गीत केवल होली तक ही सीमित नही है, इसमे पहाड़ी विवाह में मेहमानों के स्वागत में पीठाईं के विशिष्ट रिवाज व पंगत में बैठ कर भोजन की परंपरा को गौरव पूर्ण बताया है। इसके अलावा पहाड़ों में विभिन्न ऋतुओं का अहसास कराने वाले अलग-अलग मनोभाव भी गीत में शामिल किए गए हैं।

लोक गायक कमल जोशी ने बताया कि इस गीत में संगीत गुंजन डंगवाल ने दिया है। जबकि फिल्मांकन रज्जी गुसाई ने किया है।

लोक गायक कमल जोशी को किया सम्मानित

राष्ट्रीय उत्तराखंड सभा के प्रदेश कार्यालय में लोक गायक कमल जोशी को उनके नए गीत रंगीलो पहाड़ की सफलता के लिए सम्मानित किया गया। उत्तराखंड सभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी, सीए हरि रतूड़ी, समाज सेवी पदम शर्मा एवं मुकेश कृषाली ने लोक गायक कमल जोशी को शॉल ओढ़ाकर एवं साई बाबा का चित्र भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर समाजसेवी उत्तम असवाल, मोहन शर्मा, मनोज नेगी, आशुतोष कुड़ियाल, मनोज नोटियाल आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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