LUCC Scam: सीबीआई ने सभी जिलों से मांगी रिपोर्ट, 500 करोड़ के घोटाले में 46 पर केस
लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी के 500 करोड़ के घोटाले में सीबीआई ने मुकदमे दर्ज होने वाले जिलों से रिपोर्ट मांगी है। उच्च न्यायालय के आदेश पर 46 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ भी शामिल हैं। सीबीसीआईडी ने आरोपियों की संपत्ति फ्रीज की है और लुक आउट नोटिस जारी किए हैं। एलयूसीसी ने बिना लाइसेंस कार्यालय खोलकर ठगी की थी।

500 करोड़ रुपये घोटाले में सीबीआई ने गुरुवार को 46 आरोपितों के खिलाफ किया था मुकदमा
जागरण संवाददाता, देहरादून। लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोआपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) के 500 करोड़ के बहुचर्चित घोटाले में सीबीआई ने जिन जिलों में मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनसे रिपाेर्ट मांगी है। संबंधित जिलों से पूछा गया है कि उनके पास घोटाले से संबंधित क्या-क्या दस्तावेज हैं। इसके अलावा सीबीसीआइडी व पुलिस को तैयारी हालत में रहने को कहा गया है। आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने के बाद सीबीआई अब जल्द घोटालेबाजों की धरपकड़ कर सकती है।
इस घाेटाले में सीबीआई ने उच्च न्यायालय के आदेश पर 46 आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। इसमें फिल्म अभिनेता श्रेयस तलपड़े व आलोक नाथ का नाम भी शामिल है। सोसाइटी के सदस्यों के विरुद्ध प्रदेश के देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर व नैनीताल जिले में 18 मुकदमे दर्ज हैं। घोटाले में एक जून 2024 को तृप्ति नेगी की ओर से कोतवाली कोटद्वार, जिला पौड़ी गढ़वाल में दी लिखित शिकायत के आधार पहला मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने समय रहते नहीं की कार्रवाई
याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय में यह भी बताया है कि पुलिस यदि समय रहते आरोपितों पर कार्रवाई कर लेती तो आरोपितों के फरार होने से पहले उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता था। इस मामले में पीड़ितों को न्यायालय की शरण में जाना पड़ा। इसके बावजूद उस समय पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया और ना ही स्पष्टीकरण के लिए कोई रिपोर्ट प्रस्तुत की। जब मामले बढ़े तो उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मुकदमे दर्ज होने शुरू हुए। तब तक मुख्य आरोपित फरार हो चुके थे।
सीबीसीआईडी ने खाते, संपति व वाहन किए सीज
घोटाले में सबसे पहले जिन जिलों में मुकदमे दर्ज हुए वहां पुलिस ने जांच शुरू की। घोटाले का स्तर बड़ा होने व मुख्य आरोपित के विदेश फरार होने की जानकारी मिलने के बाद केस सीबीसीआईडी को ट्रांसफर किया गया। सीबीसीआईडी ने आरोपितों के बैंक खाते व संपति फ्रीज की साथ ही कुछ वाहन भी जब्त किए हैं। इसके अलावा आरोपितों ब्लू कार्नर नोटिस व लुक आउट नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा यूएई व विदेश मंत्रालय से पत्राचार भी किया है।
यह है पूरा मामला
एलयूसीसी ने बिना लाइसेंस प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपने कार्यालय खोलकर वर्ष 2022 से जमा आपूर्ति, एफडी व आरडी के नाम पर ठगी करनी शुरू की। इसके लिए आरोपितों ने अपने एजेंट नियुक्त किए और उन्हीं के माध्यम से लोगों से किश्तें जमा कराई। वर्ष 2024 में आरोपित सोसाइटी के कार्यालय बंद करके फरार हो गए। इस मामले में आशुतोष नगर ऋषिकेश निवासी आशुतोष व अपर तुनवाला निवाससी विशाल छेत्री ने उच्च न्यायालय में एक और जनहित याचिका दायर की।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।