मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

देहरादून, जेएनएन। इंजीनियर के दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए उसके नाम पर 50 लाख रुपये का लोन ले लिया गया। मामला तब खुला, जब ऋण के वसूली की नोटिस इंजीनियर को मिली। नोटिस मिलने के बाद जब उसने पड़ताल की तो पता चला कि जिन दस्तावेजों पर दो साल पहले एलआइसी हाउसिंग में लोन के लिए आवेदन किया था, उन पर ब्रांच हेड समेत चार लोगों ने उसे गारंटर बनाते हुए 50 लाख रुपये का लोन प्राप्त कर लिया है। डालनवाला पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार करीब दो साल पहले इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे समर्थ अग्रवाल निवासी कौलागढ़ रोड ने बिंदाल पुल के पास स्थित एलआइसी हाउसिंग लोन के दफ्तर में ऋण का आवेदन करने पहुंचे। यहां उनकी एजेंट कैलाश जोशी से मुलाकात हुई, उसने अपने साथियों से सचिन राजपूत व रजत से उनकी मुलाकात कराई। 

तमाम दस्तावेज लेने के बाद लोन की औपचारिकता पूर्ण में आने वाले खर्च के नाम पर दो लाख रुपये भी ले लिए। एक साल पहले उसे बताया गया कि उसका लोन स्वीकृत नहीं हुआ। इसके उन सभी ने न तो दस्तावेज लौटाए और न ही रकम वापस की। एक महीने पहले वह दूसरे बैंक में लोन लेने गए, तब उन्हें पता चला कि वह 50 लाख के लोन के एक मामले में गारंटर हैं, लिहाजा उन्हें लोन नहीं मिल सकता।

यह भी पढ़ें: ऑनलाइन धोखाधड़ी का आरोपित गिरफ्तार, सात एटीएम कार्ड बरामद

यह सुन वह चौंक पड़े। समर्थ ने इसकी छानबीन की तो पता चला कि एलआइसी हाउसिंग में लोन के लिए जो दस्तावेज उन्होंने दो साल पहले जमा किए थे, उन्हीं को कुछ लोगों ने साजिश के तहत इस्तेमाल किया है। इस बीच उन्हें लोन अदायगी का एक नोटिस भी मिला। इंस्पेक्टर डालनवाला राजीव रौथाण ने बताया कि मामले में एलआइसी के ब्रांच हेड, सचिन राजपूत, रजत व कैलाश चंद्र जोशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 

 यह भी पढ़ें: 20 लाख की साइबर ठगी में बंटी और बबली दिल्ली से गिरफ्तार Dehradun News

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप